“मुख्यमंत्री की ड्यूटी में थे इंस्पेक्टर मनोज मेनवाल, फिर क्यों हुए लाइन हाजिर..? सोशल मीडिया पर उठे सवाल
राजधानी में शुक्रवार को अचानक डालनवाला कोतवाली पहुंच गए थे सीएम धामी, कोतवाल को गैरहाजिर मानकर की गई कार्रवाई..

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून। राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के औचक निरीक्षण के दौरान डालनवाला कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज मेनवाल को लाइन हाजिर किए जाने का मामला लगातार चर्चा में है।
ऐसा बताया जा रहा है कि जिस समय मुख्यमंत्री कोतवाली पहुंचे, उस समय इंस्पेक्टर मनोज मेनवाल मुख्यमंत्री के ही कार्यक्रम से जुड़ी ड्यूटी में थाना क्षेत्र के अंतर्गत तैनात बताए जा रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें गैरहाजिर मानते हुए कार्रवाई कर दी गई। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब सोशल मीडिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले अग्निवीरों के लिए बनाए गए ग्राउंड का निरीक्षण करने पहुंचे थे। यह ग्राउंड डालनवाला थाना क्षेत्र में ही स्थित है। मुख्यमंत्री के इसी कार्यक्रम की सुरक्षा व व्यवस्था से जुड़ी ड्यूटी में इंस्पेक्टर मनोज मेनवाल भी वहां मौजूद थे।
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सीधे डालनवाला कोतवाली पहुंच गए। इसी दौरान जब कोतवाल मौके पर मौजूद नहीं मिले तो उन्हें गैरहाजिर मानते हुए तत्काल लाइन हाजिर करने के निर्देश दे दिए गए। चर्चा है कि इंस्पेक्टर उस वक्त ग्राउंड से निकलकर कोतवाली की ओर ही आ रहे थे, लेकिन इससे पहले ही कार्रवाई हो गई।
सूत्रों के अनुसार, इस दौरान मातहत अधिकारियों की ओर से मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कोतवाली प्रभारी मुख्यमंत्री के ही कार्यक्रम से संबंधित ड्यूटी में तैनात थे। इसी ग़लतफहमी में कार्रवाई होने की बात कही जा रही है। इस पूरे मामले को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी उत्तराखंड के नेता महक सिंह ने सोशल मीडिया पर उठाया है।
उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर सवाल खड़े करते हुए लिखा कि जब इंस्पेक्टर मुख्यमंत्री की ड्यूटी में तैनात थे, तो उन्हें गैरहाजिर मानकर लाइन हाजिर करना प्रशासनिक चूक को दर्शाता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग भी की है।
फिलहाल यह मामला पुलिस और प्रशासनिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि शासन स्तर पर इस कार्रवाई पर पुनर्विचार होता है या नहीं।



