हरिद्वार

“हरिद्वार में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर आक्रोश, सीबीआई जांच व दोषियों की गिरफ्तारी की मांग पर कैंडल मार्च, सड़कों पर उतरे लोग, (देखें वीडियो)..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी प्रकरण सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। हत्याकांड की सीबीआई जांच, दोषी भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर हरिद्वार में कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोम त्यागी और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विकास चंद्रा के संयोजन में वाल्मीकि चौक से हर की पैड़ी तक कैंडल मार्च निकाला गया। हाथों में मोमबत्तियां लिए सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे और धामी सरकार व भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कैंडल मार्च का नेतृत्व प्रदेश के पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने किया।मार्च के दौरान हरिद्वार की मुख्य सड़कों पर देर शाम तक माहौल गर्माया रहा। ‘अंकिता को न्याय दो’, ‘सीबीआई जांच कराओ’, ‘दोषियों को गिरफ्तार करो’ जैसे नारों से वातावरण गूंजता रहा। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि सरकार जानबूझकर वीआईपी प्रकरण को दबाने का प्रयास कर रही है, जिससे जनता में रोष बढ़ता जा रहा है।कैंडल मार्च को संबोधित करते हुए डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच किसी स्वतंत्र जज की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हत्याकांड में शामिल वीआईपी चेहरों से पर्दा उठना जरूरी है। यह मामला अब केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की अस्मिता से जुड़ चुका है। उन्होंने निर्भया कांड का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उस समय पूरा देश सड़कों पर उतर आया था, वैसे ही आज अंकिता को न्याय दिलाने के लिए जनता में जबरदस्त आक्रोश है।डॉ. हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा के ही कुछ नेता इस प्रकरण में अपने नेताओं के नाम उजागर कर रहे हैं। उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर से जुड़े ऑडियो में जिन वीआईपी नेताओं के नाम सामने आए हैं, उनकी न केवल सीबीआई जांच होनी चाहिए, बल्कि नारको टेस्ट भी कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपने नेताओं को बचाने में लगी है, जबकि कांग्रेस उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष कर रही है।अनुसूचित प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल और हरिद्वार ग्रामीण के जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह ने कहा कि जब तक अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि न्याय और इंसाफ के लिए है।वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी और अशोक शर्मा ने कहा कि कैंडल मार्च में उमड़ा भारी जनसमूह इस बात का संकेत है कि समाज अब अपराधों के खिलाफ चुप बैठने वाला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे नारे खोखले साबित हो रहे हैं।कैंडल मार्च में पूर्व राज्यमंत्री किरण पाल वाल्मीकि, पूर्व महापौर अनीता शर्मा, युवांग्नि संगठन के अध्यक्ष व सहसंयोजक ऋषभ वशिष्ठ, अखिल त्यागी, आशु श्रीवास्तव, सुंदर सिंह मनवाल, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष कैश खुराना, अनिल भास्कर, यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नितिन तेश्वर, वीरेंद्र श्रमिक, रानीपुर से प्रत्याशी रहे राजबीर सिंह, पूर्व पार्षद अशोक शर्मा, तेलूराम प्रधान, जसवंत चौहान, प्रदीप चौहान, राजीव मेहता, शिव कुमार काश्यप, अनंत पांडेय, आशु भारद्वाज, निखिल सौदाई, विशाल प्रधान, देवेश गौतम, रणवीर शर्मा, सुमित भाटिया, अरुण प्रकाश राघव, लड्डू, महिला महानगर अध्यक्ष लता जोशी, अनुसूचित प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष तीर्थ पाल रवि, पार्षद महावीर वशिष्ठ, सुनील कुमार, सुमित त्यागी, अरशद ख्वाजा, मयंक रवि, शशि झा, कैलाश प्रधान, दिव्यांश शर्मा, कार्तिक शर्मा, जाशिद अंसारी, कर्ण सिंह राणा, ऋतुराज भारतीय, राजेंद्र श्रीवास्तव, उत्कर्ष वालिया, धनीराम उर्फ नीटू, मोहित शर्मा, मानू वालिया, तरुण व्यास, दिनेश वालिया, सार्थक ठाकुर, राकेश राजपूत, वसीम सलमानी, एडवोकेट रजत जैन, विशाल अग्रवाल, इंजीनियर आकाश बिरला, दीपक कोरी सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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