
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: सिडकुल थाना क्षेत्र में अपहरण और गुमशुदगी की शिकार लड़कियों के लिए पुलिस उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां दूसरे प्रदेशों के श्रमिकों की संख्या अधिक है, ऐसे में अपह्रत या बहला-फुसलाकर ले जाई गई लड़कियों को दूसरे राज्यों तक ले जाने के मामले अक्सर सामने आते हैं। इन जटिल परिस्थितियों के बावजूद वर्ष 2025 में सिडकुल पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
इस अभियान में एएसआई संजय चौहान की भूमिका सबसे अहम रही। उन्होंने दूसरे राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर तकनीकी जांच, मोबाइल सर्विलांस और लगातार दबिश के जरिए 30 अपह्रत व लापता लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया। इनमें 15 नाबालिग लड़कियां शामिल थीं, जिन्हें सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश मामलों में आरोपी लड़कियों को फैक्ट्रियों, ईंट-भट्टों या अस्थायी मजदूर बस्तियों में छिपा देते हैं और बार-बार ठिकाने बदलते रहते हैं, जिससे उनकी तलाश चुनौतीपूर्ण हो जाती है। बावजूद इसके, सिडकुल पुलिस ने समय रहते सुराग जुटाकर कई जटिल मामलों का खुलासा किया।
थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि गुमशुदगी और अपहरण के मामलों में पुलिस लगातार सक्रिय है और अधिकांश मामलों में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि एएसआई संजय चौहान का कार्य प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है, जिसके चलते कई परिवारों की चिंता खत्म हुई।
अपह्रत लड़कियों की सुरक्षित बरामदगी और संवेदनशील मामलों में बेहतरीन कार्य के लिए पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने एएसआई संजय चौहान को शाबाशी दी है।

उन्हें थाना स्तर पर पुलिसमैन ऑफ द ईयर के रूप में भी सम्मानित किया गया है। पुलिस कप्तान ने कहा कि ऐसे कर्मठ पुलिसकर्मी विभाग की रीढ़ होते हैं और समाज में सुरक्षा व विश्वास को मजबूत करते हैं।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी लड़की या नाबालिग के लापता होने की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर उसे सुरक्षित बरामद किया जा सके। सिडकुल पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त निगरानी और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।



