
पंच👊नामा
रुड़की: सरकारी योजना के नाम पर पेट्रोल पंप का लाइसेंस दिलाने का सपना दिखाकर एक परिवार की जमा-पूंजी हड़प लेने के मामले में आठ साल बाद अदालत ने सख्त रुख अपनाया है, जिसके बाद पीड़ित को न्याय की किरण नजर आई है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय रुड़की, ने मामले को गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए थाना कलियर पुलिस को विवेक कुमार और मोहम्मद इस्लाम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि प्रस्तुत प्रार्थना पत्र और उपलब्ध दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है और मामले की विधिसम्मत विवेचना आवश्यक है।
प्रकरण के अनुसार वर्ष 2018 में आरोपी विवेक कुमार ने स्वयं को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से जुड़ा बताते हुए महिलाओं के नाम पेट्रोल पंप दिलाने की कथित सरकारी योजना का हवाला दिया और इसी बहाने श्रवण काम्बोज निवासी ग्राम जसवावाला थाना पिरान कलियर को भरोसे में लेकर उसकी पत्नी निधि काम्बोज के नाम पेट्रोल पंप का लाइसेंस दिलाने का झांसा दिया।
आरोप है कि सरकारी फीस और लाइसेंस प्रक्रिया के नाम पर विवेक कुमार और मौ. इस्लाम ने अलग-अलग किश्तों में कुल 13 लाख 25 हजार रुपये वसूल लिए, लेकिन न तो पेट्रोल पंप का लाइसेंस मिला और न ही एक भी रुपया वापस किया गया। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपनी रकम लौटाने की मांग की तो उसे गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी तक दी गई। पीड़ित द्वारा कई बार पुलिस से गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली।
अदालत ने धारा 175(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए थाना कलियर को मुकदमा दर्ज कर स्वयं या किसी सक्षम अधिकारी से जांच कराए जाने के आदेश दिए हैं। वहीं लॉ एंड जस्टिस सोसायटी के सदस्य कृष्णकांत ने कहा कि उनकी संस्था हर पीड़ित के साथ मजबूती से खड़ी है और पीड़ित को न्याय दिलाना ही उनकी पहली प्राथमिकता है।



