UGC कानूनों के विरोध में राजधानी की सड़कों पर उतरा सुराज सेवा दल, पैदल मार्च निकाल कर किया जोरदार प्रदर्शन..
अध्यक्ष रमेश जोशी बोले, काले कानून को वापस ले सरकार, नहीं तो तेज होगा आंदोलन..

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून – भाजपा सरकार की शिक्षा-विरोधी नीतियों और UGC के काले कानूनों के खिलाफ सुराज सेवा दल ने एक व्यापक और निर्णायक विरोध प्रदर्शन किया। यह मार्च घंटाघर से शुरू होकर जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाला गया। इसमें संगठन के प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं, युवा, शिक्षक, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में जागरूक नागरिक शामिल हुए।
वक्ताओं ने बताया – शिक्षा पर गंभीर खतरा…..
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार और UGC द्वारा लागू किए जा रहे नए प्रावधान विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को समाप्त कर रहे हैं। उच्च शिक्षा व्यवस्था को अत्यधिक केंद्रीकृत करने और छात्रों व शिक्षकों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने वाले ये कदम देश के युवाओं और शिक्षा के भविष्य के लिए गंभीर खतरा हैं।
सुराज सेवा दल की चेतावनी…..
सुराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि UGC के माध्यम से लागू किए जा रहे काले प्रावधान देश की उच्च शिक्षा, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक मूल्यों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक है। इसका उद्देश्य शिक्षा, संविधान और युवाओं के अधिकारों की रक्षा करना है।
ज्ञापन सौंपा, सरकार को चेतावनी…..
प्रदर्शन के बाद सुराज सेवा दल के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि UGC से जुड़े जनविरोधी प्रावधान तुरंत वापस लिए जाएं या उनमें व्यापक संशोधन किया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि सरकार छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों की आवाज़ को अनसुना करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, लेकिन वह लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से होगा।
प्रदर्शन में शामिल लोग…..
इस दौरान रमेश जोशी, अरविंद, संगीता, पूजा नेगी, डिम्पी, देवेन्द्र बिष्ट, लाल मणि भारद्वाज, मेहरबान, मौनू, राजेश थापा, हिमांशु, इरशाद, राज शर्मा, वंदना शर्मा, विजेंद्र, प्रेसम सिंह बिष्ट, गौरव सेनानी समेत संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



