
पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाते हुए दिल्ली स्थित स्पेशल क्राइम ब्रांच (शाखा-2) में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही सीबीआई की एक विशेष टीम देहरादून और ऋषिकेश पहुंच चुकी है, जहां वह मामले से जुड़े साक्ष्यों का संकलन और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है।
सितंबर 2022 में ऋषिकेश के वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्यरत अंकिता भंडारी की हत्या रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और कर्मचारी अंकित गुप्ता द्वारा की गई थी। अंकिता का शव 24 सितंबर 2022 को चीला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में तीनों आरोपियों को हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
हत्याकांड उस समय दोबारा चर्चा में आया, जब इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए ऑडियो और वीडियो में एक कथित ‘वीआईपी’ का जिक्र किया गया। यह सामग्री ज्वालापुर के पूर्व भाजपा विधायक की कथित पत्नी उर्मिला सनावर से जुड़ी बताई गई, जिसके बाद राज्यभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए।
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि अंकिता पर वीआईपी के लिए विशेष सेवाएं देने का दबाव बनाया जा रहा था और इसी से मामला जुड़ा हुआ है।
वायरल सामग्री और बढ़ते राजनीतिक-सामाजिक दबाव के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 09 जनवरी 2026 को इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। उसी के तहत अब सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने कथित वीआईपी व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीम डिजिटल साक्ष्यों, बैंक लेन-देन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, वायरल ऑडियो-वीडियो, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेज़ी प्रमाणों की गहन पड़ताल कर रही है, ताकि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा सके।



