हरिद्वार

“दीपक के समर्थन में कोटद्वार जा रहे भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, हंगामा..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: दीपक कुमार को समर्थन देने कोटद्वार जा रहे भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह और उनके समर्थकों को पुलिस ने चंडीघाट चौकी पर रोक लिया। मौके पर काफी देर तक तनावपूर्ण हालात बने रहे। भीम आर्मी कार्यकर्ता कोटद्वार जाने पर अड़े रहे, जबकि पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर रोशनाबाद ले जाया गया।भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह अपने समर्थकों के साथ दीपक को समर्थन देने कोटद्वार रवाना हुए थे। इसकी भनक लगते ही पुलिस ने चंडीघाट चौकी पर उन्हें रोक लिया। मौके पर सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी, शहर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह और इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह पहुंचे और कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने महक सिंह और कुछ समर्थकों को पुलिस वाहन में बैठाकर रोशनाबाद ले गई।क्या है कोटद्वार का पूरा मामला…..
कोटद्वार में विवाद की शुरुआत 26 जनवरी को हुई थी। शहर में एक मुस्लिम दुकानदार की करीब 30 वर्षों से संचालित दुकान “बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर” के नाम को लेकर आपत्ति जताई गई। कुछ संगठनों के लोगों ने दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद मौके पर बहस और तनाव की स्थिति बन गई।इसी दौरान स्थानीय युवक दीपक कुमार दुकानदार के समर्थन में सामने आए। विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दीपक सांप्रदायिक भेदभाव का विरोध करते नजर आए। इसके बाद मामला तेजी से फैल गया और कोटद्वार का माहौल तनावपूर्ण हो गया।एफआईआर, विरोध और राजनीतिक रंग……
विवाद बढ़ने पर पुलिस ने अलग-अलग पक्षों की शिकायतों पर एफआईआर दर्ज की। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दीपक को समर्थन दिए जाने के बाद मामला और राजनीतिक रंग में रंग गया। इसके बाद विभिन्न संगठनों की सक्रियता बढ़ी और क्षेत्र में तनाव बना रहा।समर्थन के नाम पर रोकी गई आवाज़ : भीम आर्मी…..
चंडीघाट चौकी पर रोके जाने के बाद भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि दलित और अल्पसंख्यक समाज की आवाज को दबाने के लिए प्रशासन लगातार दबाव बना रहा है। महक सिंह का कहना था कि दीपक को समर्थन देना उनका संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार के इशारे पर पुलिस उसे कुचलने में लगी है।तनाव अब भी बरकरार…..
कोटद्वार में विवाद के बाद से हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। पुलिस की सख्ती के चलते भले ही खुले प्रदर्शन नहीं हो रहे हों, लेकिन अंदरखाने नाराजगी और असंतोष बना हुआ है। मामले पर नजर बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क है, वहीं सामाजिक संगठनों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है।

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