“न्यायिक समन्वय से त्वरित न्याय और जनस्वास्थ्य सुरक्षा पर सख्ती, हरिद्वार में लोक अदालत व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की दो अहम बैठकें..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: स्थाई लोक अदालत और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मंगलवार को न्यायिक समन्वय और जनस्वास्थ्य से जुड़ी दो अहम बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों में जहां एक ओर बैंकों के साथ लोक अदालत की कार्यप्रणाली और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा हुई, वहीं दूसरी ओर जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।
स्थाई लोक अदालत के सभागार में अध्यक्षा श्रीमती नीतू जोशी (एचजेएस) की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न राष्ट्रीयकृत व सहकारी बैंकों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में लोक अदालत की भूमिका, प्री-लिटिगेशन मामलों के निस्तारण और 14 मार्च 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों पर चर्चा की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने बैंक अधिकारियों से अपील की कि लंबित वादों का अधिक से अधिक निस्तारण आपसी सुलह के आधार पर किया जाए, ताकि आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके।
इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सभागार में सचिव सिमरनजीत कौर की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें एक्सपायरी दवाओं और खाद्य पदार्थों की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। सचिव ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी और उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।



