
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: चलती ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल और पर्स पर हाथ साफ करने वाले शातिर गिरोह का जीआरपी हरिद्वार पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पकड़े गए आरोपी चोरी किए मोबाइल का लॉक तोड़कर एटीएम और यूपीआई के जरिए रकम निकालते थे और फिर मोबाइल सस्ते दामों में बेच देते थे। जीआरपी की इस कार्रवाई से ट्रेन यात्रियों में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है।
जीआरपी कप्तान अरुणा भारती के निर्देश पर चलाए गए अभियान के तहत पुलिस ने मामले का खुलासा किया। कप्तान अरुणा भारती ने बताया कि चलती ट्रेनों में चोरी करने वाले अन्य संदिग्धों को भी चिन्हित किया जा रहा है। उनके कुशल नेतृत्व में जीआरपी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
प्रभारी निरीक्षक जीआरपी हरिद्वार बिपिन चन्द्र पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटना की गंभीरता से जांच करते हुए सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। बीती 25 जनवरी को ट्रेन संख्या 14610 हेमकुंड एक्सप्रेस के कोच एस-9 से एक यात्री की पत्नी का पर्स चोरी हो गया था, जिसमें आईफोन, वीवो मोबाइल, एयरपॉड, नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज थे।
जांच में सामने आया कि आरोपी अंश शर्मा और बलदेव सिंह रावत ट्रेन में चोरी करते थे, जबकि तीसरा साथी दीपक सेमवाल मोबाइल का लॉक तोड़कर नया यूपीआई पिन बनाता था। चोरी के मोबाइल से देहरादून के एटीएम से पैसे निकालने के बाद पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में बलदेव सिंह रावत निवासी टिहरी गढ़वाल, अंश शर्मा निवासी मुरादाबाद और दीपक सेमवाल निवासी टिहरी गढ़वाल शामिल हैं। इनके कब्जे से चोरी हुआ एप्पल मोबाइल और ईयरबड्स बरामद किए गए हैं। तीनों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार, अपर उपनिरीक्षक श्यामदास, कांस्टेबल जाहुल हसन, ईश्वर नेगी और दीपक चौधरी (एसओजी जीआरपी) शामिल रहे। कप्तान अरुणा भारती ने पूरी टीम को सराहना दी है।



