हरिद्वार

“जिले में कप्तान बदलते ही फेसबुक पर रिश्तों का जनसंख्या विस्फोट, अचानक पैदा हो गए कई दर्जन भाई..!

खबर को सुनें

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: जिले में नए पुलिस कप्तान ने चार्ज क्या संभाला, फेसबुक पर रिश्तों का जनसंख्या विस्फोट हो गया। तबादलों की लिस्ट जारी होते ही ऐसा लगा मानो जिले के आधे लोग अचानक एक ही खानदान से निकल आए हों। कोई खुद को साहब का छोटा भाई बता रहा है, कोई चचेरा, तो कोई बचपन का जिगरी।हाल यह है कि जिन लोगों ने चार दिन पहले तक कप्तान साहब की शक्ल तक नहीं देखी थी, वे आज पोस्ट डालकर लिख रहे हैं— “हमारे बड़े भाई… गर्व है।” कमेंट सेक्शन में आशीर्वाद, समर्थन और नजदीकी की ऐसी बरसात हो रही है कि मानो फेसबुक नहीं, पारिवारिक व्हाट्सऐप ग्रुप चल रहा हो।तबादलों की लिस्ट ने इस ‘भाईचारा अभियान’ में घी का काम किया है। कुछ लोग पोस्ट के जरिए इशारों-इशारों में बता रहे हैं कि उनकी पकड़ कितनी मजबूत है। पुलिस महकमे में भी इस पर चुटकियां ली जा रही हैं कि सोशल मीडिया पर नजदीकी दिखाने की यह परंपरा अब पोस्टिंग-ट्रांसफर का ‘अनौपचारिक मौसम विभाग’ बन चुकी है। जहां पोस्टों से ही हवा का रुख समझ लिया जाता है।
————————————वैसे यह जिले की पुरानी परंपरा है। दो साल पहले जब प्रमेंद्र डोबाल कप्तान बनकर आए थे, तब तो हाल और दिलचस्प था। उस वक्त फेसबुक पर इससे ज़्यादा भाई निकले थे।
अब इतिहास खुद को अपडेट कर चुका है। फर्क बस इतना है कि प्रोफाइल फोटो बदली है, कैप्शन वही है— “मेरे भाई साहब।” शहर के लोग भी इस ट्रेंड का मजा ले रहे हैं। कोई लिख रहा है— “कप्तान बदलते ही रिश्तेदारी रीफ्रेश हो जाती है।” तो कोई कह रहा— “अगला कप्तान आते ही फिर नया परिवार तैयार मिलेगा।” फिलहाल जिले में कानून-व्यवस्था से ज्यादा चर्चा ‘फेसबुक वाले भाईचारे’ की है। देखना यह है कि नए साहब अपने इन भाइयों का कितना और कैसा ख्याल रख पाते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!