
पंच👊नामा
रुड़की: कोतवाली मंगलौर क्षेत्र के गांव घोसीपुरा में तीन दिन पूर्व हुए खूनी संघर्ष के मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। इस प्रकरण में विपक्ष द्वारा वायरल किए गए एक वीडियो की सच्चाई उस युवक ने खुद मीडिया के सामने उजागर कर दी है, जिसे वीडियो में मोहरा बनाया गया था।
वायरल वीडियो में जमीन पर पड़े युवक की पहचान अनुज के रूप में की गई थी, जिसके पास कथित तौर पर एक देशी तमंचा दिखाया गया। हालांकि, अब अनुज ने मीडिया के समक्ष सामने आकर दावा किया है कि यह वीडियो जबरदस्ती और दबाव में बनवाया गया।
अनुज ने आरोप लगाया कि वीडियो बनाने वाले लोग दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, जो पहले भी जेल जा चुके हैं। उसने बताया कि इन लोगों ने उसके साथ मारपीट की, तमंचा दिखाकर डराया और हाकम के खिलाफ बयान देने के लिए मजबूर किया। युवक का कहना है कि वह एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दी गईं।
पीड़ित युवक के अनुसार, विपक्ष ने जानबूझकर उसे मोहरा बनाकर वीडियो वायरल किया ताकि पुलिस पर क्रॉस केस दर्ज कराने का दबाव बनाया जा सके और पूरे मामले को दूसरी दिशा में मोड़ा जा सके।
गौरतलब है कि इस खूनी संघर्ष में हाकम समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। हाकम की हालत नाजुक होने के चलते उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था। अब युवक द्वारा मीडिया के सामने वायरल वीडियो की सच्चाई बयान करने के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया है। सवाल यह है कि आखिर झूठे वीडियो के सहारे कानून और पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश किसके इशारे पर की गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।



