“रबीउल अव्वल की रूहानी फिज़ा में समाजी व मज़हबी खिदमतों का सिलसिला शुरू..
"अंजुमन" सोसायटी की ओर से दरगाह साबिर पाक में पेश की गई अक़ीदत की चादर, अम्नो-सलामती की दुआओं के साथ, हुआ लंगर'आम..

पंच👊नामा
पिरान कलियर: रबीउल अव्वल माह की रूहानी फिज़ाओं में आज से जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ के मुबारक प्रोग्रामात का आग़ाज़ हो गया। इसी सिलसिले में “अंजुमन गुलामाने मुस्तफ़ा” सोसायटी ने दरगाह-ए-आलिया हज़रत साबिर पाक रहमतुल्लाह अलैह में चादरपोशी कर खिराज-ए-अक़ीदत पेश किया।सोसायटी के पदाधिकारियों ने साहिबज़ादा शाह यावर मियां की सरपरस्ती में दरबार-ए-साबिर पाक में चादर और फूल पेश किए। इस मौके पर शाह यावर मियां ने मुल्क में अम्नो-सलामती और भाईचारे की ख़ास दुआ कराई।
अंजुमन के सदर शफ़ी ख़ान व सेक्रेट्री हाजी शादाब साबरी ने बताया कि “अंजुमन गुलामाने मुस्तफ़ा” ज़िले की एक अहम् मुस्लिम नुमाइंदा तंजीम है, जो न सिर्फ़ मज़हबी बल्कि समाजी और इंसानियत की खिदमात अंजाम देती आ रही है। सोसायटी का मक़सद सूफ़ीमत और मोहब्बत का पैग़ाम आम करना है।
हर साल की तरह इस बार भी रबीउल अव्वल की 6 तारीख को दरगाह साबिर पाक में चादरपोशी से प्रोग्रामात की शुरुआत की गई। 12 रबीउल अव्वल तक जारी रहने वाले इन प्रोग्रामात में सोसायटी की जानिब से मरीज़ों को फल तक़सीम करना, ख़ूनदान मुहिम, लंगर-ए-आम और जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी पर एक बड़ा जुलूस निकालना शामिल है। यह जुलूस ज्वालापुर से रवाना होकर दरगाह साबिर पाक तक पहुंचेगा।
आज चादरपोशी के बाद लंगर तक़सीम किया गया। इस मौके पर हाजी गुलज़ार, हाजी रफ़ी ख़ान, हाजी जमशेद ख़ान, अनवारुल हक़, कलियर इकाई के सदर हाजी गुलशाद सिद्दीकी, रुड़की इकाई सदर कुँवर शाहिद, खादिम मुनव्वर अली साबरी, प्रवेज़ आलम, कल्लू भाई, अब्दुल रहमान, सजर ख़ान, चाँद कुरैशी समेत बड़ी तादाद में अंजुमन के अरकान व अक़ीदतमंद मौजूद रहे।