“हरिद्वार में केसरिया आस्था का सैलाब, आर्य समाजियों की ‘आर्य राष्ट्र निर्माण यात्रा’ ने दिया वेद व सत्य का संदेश..
महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती पर भव्य शोभायात्रा, राज्यपाल के नाम नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती और आर्य समाज स्थापना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को आर्य उप प्रतिनिधि सभा हरिद्वार उत्तराखंड की ओर से भव्य “आर्य राष्ट्र निर्माण यात्रा” निकाली गई।
हरिद्वार शहर के प्रमुख मार्गों से निकली यह शोभायात्रा वेद ज्ञान, राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक सुधार के संदेश से ओतप्रोत रही। हाथों में ओम के केसरिया ध्वज लिए आर्य समाजियों ने सड़क—सड़क पर महर्षि दयानंद के सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी दर्शानंद गुरुकुल महाविद्यालय, ज्वालापुर परिसर में हवन—यज्ञ से हुई। इस दौरान योगगुरु स्वामी रामदेव, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व मंत्री स्वामी अग्निवेश, प्रो सत्यदेव विद्यालंकार, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, स्वामी धर्मानंद, हाकम सिंह आर्य, स्वामी घनश्याम, योगी प्रज्ञानंद, स्वामी मुक्तिवेश, स्वामी वैदिक देव,
मेघानंद सरस्वती, ओमानंद परिव्राजक, अमन शास्त्री, रमाकांत, बलवंत चौहान, अभिषेक, गौतम खट्टर, योगेश्वरांद, शिवकुमार चौहान, उधम सिंह, पवन आर्य, प्रीति आर्य, सुनील सैनी, कमला, पदम सिंह, आदित्य देश महाराज, शहदेव शास्त्री, धनंजय शास्त्री, अतुल मगन, अनिल गोयल, जागेश्वर मुनि, पूर्व प्रधान हाकम सिंह,
मानपाल सिंह आर्य, कोषाध्यक्ष ब्रह्मपाल आर्य, दिनेश कुमार आर्य, इंद्रराज सिंह, भोपाल गिरी, जिला पुरोहित बलवंत सिंह आर्य, डॉ. रामपाल, चौधरी राज सिंह, ज्ञान सिंह, नितिन आर्य, रामपाल आर्य, मास्टर यशवीर सिंह, जयपाल सिंह, वीरेंद्र आर्य, चेयरमैन राजीव शर्मा, अशोक चौधरी सहित बड़ी संख्या में आर्य समाजी मौजूद रहे।
हवन के बाद मंचासीन अतिथियों ने महर्षि दयानंद के विचारों पर प्रकाश डाला। स्वामी रामदेव ने कहा कि “वेद मार्ग ही राष्ट्र को सही दिशा दे सकता है, महर्षि दयानंद ने अंधविश्वास तोड़कर जागृति की क्रांति चलाई।” वहीं स्वामी यतीश्वरानंद ने बढ़ती जनसंख्या, सामाजिक विकृतियों और पाश्चात्य विचारों के प्रभाव पर चिंता जताते हुए गुरुकुल पद्धति को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।
शोभायात्रा गुरुकुल ज्वालापुर से सिंहद्वार, आर्यनगर चौक, वेद मंदिर आश्रम, शंकर आश्रम, चंद्राचार्य चौक व रेलवे स्टेशन मार्ग से होते हुए तुलसी चौक पर संपन्न हुई। यात्रा में गुरुकुल छात्रों ने लाठी, तलवार, भाला, योग क्रियाओं का अद्भुत प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम संयोजक स्वामी यतीश्वरानंद, स्वामी अग्निवेश व प्रतिनिधियों ने सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान और एसडीएम जितेंद्र कुमार को राज्यपाल के नाम नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें समान नागरिक संहिता लागू करने, गौवंश संरक्षण, नशाबंदी, समलैंगिक विवाह व लिव—इन पर प्रतिबंध, कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून, महर्षि दयानंद स्मारक निर्माण, प्रमाण पत्रों से जाति—सम्प्रदाय उल्लेख समाप्त करने और गुरुकुलों को आर्थिक सहायता की मांगें शामिल रहीं।



