“गणतंत्र दिवस परेड को लेकर दोनों आईपीएस अधिकारियों से जवाब तलब, पीएचक्यू ने बैठाई जांच..
"पंच👊नामा... की खबर का फिर हुआ असर, डीजीपी दीपम सेठ बोले, राष्ट्रीय पर्वों की गरिमा सर्वोपरि..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: प्रदेश में गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर आयोजित पुलिस परेड की मर्यादा को लेकर दो आईपीएस अधिकारियों से आखिरकार जवाब तलब हो गया है। डीजीपी दीपम सेठ ने “पंच👊नामा…. की खबर का संज्ञान लिया है। जिसके बाद उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय हरकत में आ गया। पीएचक्यू ने दोनों प्रकरण की जांच आईजी सदानंद दाते को सौंप दी है।
गढ़वाल के एक बड़े जिले में तैनात एक आईपीएस अधिकारी सेरेमोनियल यूनिफॉर्म के बजाय सामान्य वर्दी में परेड में पहुंच गए थे। जबकि नियमों के तहत राष्ट्रीय पर्व पर पूर्ण औपचारिक वर्दी अनिवार्य होती है। बात यहीं पर खत्म नहीं हुई, अपनी गलती का ठींकरा उन्होंने अपने पेशकार के सिर फोड़ा और उसे लाइन हाजिर तक करा डाला।
वहीं, एक दूसरे आईपीएस अधिकारी ने परेड में भाग लेना ही उचित नहीं समझा। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय आयोजनों में राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति और वर्दी को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी किए जाने को गंभीर माना जा रहा है।
आपके प्रिय समाचार पोर्टल ”पंच👊नामा…✍️ ने ये दोनों मामले उजागर किये थे। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने इसका संज्ञान लिया और दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। इस पूरे प्रकरण की जांच आईजी मुख्यालय डॉ. सदानंद दाते को सौंपी गई है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि नियमों के उल्लंघन की परिस्थितियां क्या थीं और क्या इसमें लापरवाही बरती गई।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ का कहना है कि राष्ट्रीय पर्वों की गरिमा सर्वोपरि है और इस तरह की लापरवाही को हल्के में नहीं लिया जा सकता। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



