
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: ज्वालापुर के आर्य नगर स्थित सोंधी नर्सिंग होम वाली गली में सोमवार को सड़क पर गेट लगाने को लेकर विवाद इस कदर बढ़ गया कि कॉलोनी का माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि नामी बिल्डर सतीश त्यागी के बेटे अभिषेक त्यागी के इशारे पर कुछ लोगों ने पड़ोसी संदीप अरोड़ा के परिवार पर हमला कर दिया।हमले के दौरान महिलाओं से धक्का-मुक्की और अभद्रता भी की गई।
पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, जबकि पीड़ित परिवार ने अपने मोबाइल फोन से भी वीडियो बनाए हैं। ये वीडियो पुलिस को सौंपे जा चुके हैं और अब सोशल मीडिया पर भी सामने आने लगे हैं।
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टी-पॉइंट पर गेट लगाने पहुंचा बिल्डर का बेटा, विरोध के बाद बढ़ा विवाद….कॉलोनी निवासी संदीप अरोड़ा का परिवार वर्षों से यहां निवास कर रहा है। सोमवार को इसी गली में रहने वाले बिल्डर सतीश त्यागी का बेटा अभिषेक त्यागी सड़क के टी-पॉइंट पर गेट लगाने पहुंचा।
स्थानीय निवासियों और अरोड़ा परिवार ने इसका विरोध किया तो अभिषेक त्यागी ने फोन कर अपने कुछ साथियों और रिश्तेदारों को बुला लिया। आरोप है कि अभिषेक के पहुंचने के बाद उसके इशारे पर आए कुछ लोगों ने अरोड़ा परिवार पर धावा बोल दिया।
इस दौरान मारपीट के साथ-साथ महिलाओं के साथ भी अभद्रता की गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि महिलाओं को धक्का देकर गिराया गया और उन्हें गाली-गलौच का भी सामना करना पड़ा।
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सीसीटीवी और मोबाइल वीडियो बने सबूत, पीड़ितों ने पुलिस को सौंपे फुटेज….घटना गली में लगे सीसीटीवी कैमरों में साफ-साफ रिकॉर्ड हो गई है। वहीं, अरोड़ा परिवार ने भी अपने मोबाइल फोन से आरोपियों की करतूतों के वीडियो बनाए, जिन्हें अब पुलिस को सौंपा जा चुका है।
इन वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि किस तरह गेट लगाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए हैं, जिससे मोहल्ले में घटना को लेकर तनाव और आक्रोश गहराया है।
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कोतवाली प्रभारी का बयान— जांच जारी, कार्रवाई तय….इस संबंध में ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।
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स्थानीय निवासियों में रोष…..आर्य नगर कॉलोनी के लोगों ने कहा कि सड़क पर गेट लगाना न केवल अवैध है बल्कि सभी निवासियों की आवाजाही पर भी रोक लगाने जैसा है। आपातकालीन सेवाओं तक बाधित हो सकती हैं।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की दबंगई पर सख्त कार्रवाई की जाए और सार्वजनिक रास्तों पर कब्जे की कोशिश को रोका जाए।