हरिद्वार

“दावे विकास के, पांच महीने में एक अदद सड़क नहीं बना सका हरिद्वार नगर निगम, लोग बेहाल, उठ रहे सवाल..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार। ज्वालापुर क्षेत्र के मोहल्ला पांवधोई फारुख नगर के लोग आज भी एक पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। नगर निगम के दायरे में आने के बावजूद कॉलोनी में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा न होना सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करता है। हालात यह हैं कि हल्की सी बारिश होते ही कच्चा मार्ग कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है।कॉलोनी में न तो वाहन ठीक से निकल पाते हैं और न ही बच्चे सुरक्षित स्कूल पहुंच पाते हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह रास्ता रोज का संघर्ष बन चुका है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं, वहीं दोपहिया वाहन कीचड़ में फंसकर दुर्घटना का कारण बन रहे हैं।इन रास्तों से गुजरना सबसे बड़ी मजबूरी…..
स्थानीय लोगों के अनुसार मुख्तार ख़ान के मकान से उमर मस्जिद की पुलिया तक और अनीस के मकान से रईस के मकान तक का पूरा रास्ता कच्चा पड़ा है। बरसात के दिनों में यह मार्ग पानी और कीचड़ से भर जाता है। मजबूरी में लोग इसी रास्ते से गुजरते हैं, क्योंकि कोई वैकल्पिक मार्ग भी नहीं है।वार्ड में शामिल, सुविधा से बाहर…..
यह इलाका नगर निगम के वार्ड संख्या 45 तपोवन नगर में शामिल है, इसके बावजूद यहां आज तक सड़क नहीं बन पाई। कॉलोनीवासियों का कहना है कि नगर निगम चुनाव के समय वादे जरूर किए गए, लेकिन चुनाव खत्म होते ही फारुख नगर को फिर भुला दिया गया।नगर निगम के चक्कर काटते-काटते थक चुके लोग….
स्थानीय निवासी अशफ़ाक़ ख़ान, उस्मान ख़ान, अनीस अहमद, उस्मान गौड़, रईस अंसारी, इरशाद अहमद, अरहम ख़्वाजा, राशिद और शाहनवाज ने बताया कि जुलाई 2025 में नगर आयुक्त को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा गया था। पांच महीने से ज्यादा समय बीतने के बावजूद फाइल आगे नहीं बढ़ी। लोगों का आरोप है कि नगर निगम कार्यालय में उनकी मांग सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गई है। कभी बजट का बहाना, कभी प्रक्रिया का—लेकिन समाधान शून्य।आपात स्थिति में सबसे बड़ा खतरा…..
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कॉलोनी में किसी को अचानक मेडिकल इमरजेंसी हो जाए तो एंबुलेंस तक पहुंच पाना मुश्किल हो जाता है। कीचड़ और गड्ढों के कारण चारपहिया वाहन अंदर नहीं जा पाते। यह स्थिति कभी भी बड़ी अनहोनी को न्योता दे सकती है।नाराजगी चरम पर, आंदोलन की चेतावनी…..
नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को लेकर कॉलोनीवासियों में भारी रोष है। लोगों का साफ कहना है कि अगर जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो उन्हें धरना-प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।जनता का सवाल…..
जब वार्ड में शामिल है तो सड़क क्यों नहीं..? महीनों से पड़ी फाइलें कब खुलेंगी..? क्या बुनियादी सुविधा भी आंदोलन के बाद ही मिलेगी..?मांग…. कॉलोनीवासियों ने मांग की है कि फारुख नगर में तत्काल पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को रोजमर्रा की परेशानी से निजात मिल सके और किसी बड़ी दुर्घटना से पहले प्रशासन नींद से जागे।

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