“आमजन पर दो हजार बकाया होने पर काटे जा रहे कनेक्शन, शिवालिक नगर पालिका पर 6.55 करोड़ के बिल पर भी चुप्पी..
ऊर्जा निगम की कार्रवाई पर सवाल, घोटाला हो या बकाया, करोड़ों पर आकर रुकती है पालिका की सुई..
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: ऊर्जा निगम एक तरफ आम उपभोक्ताओं पर दो से तीन हजार रुपये बिल बकाया होने पर ही उनके कनेक्शन काटने की कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शिवालिक नगर पालिका पर करोड़ों रुपये का बकाया होने के बावजूद भुगतान लंबित है। इससे ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही सवाल पालिका पर भी है। घोटाला हो या बकाया, आखिर सुईं करोड़ों पर आकर ही क्यों टिकती है
वर्ष 2015 में गठित शिवालिक नगर पालिका द्वारा क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइटें स्थापित की गईं, जिनसे क्षेत्र में रोशनी की व्यवस्था तो बेहतर हुई, लेकिन बिजली खपत बढ़ने के साथ बिल भी लगातार बढ़ता गया। दिसंबर 2025 तक पालिका पर ₹6 करोड़ 55 लाख का बकाया दर्ज हो चुका है। भुगतान न होने के कारण इस पर लगातार सरचार्ज भी जुड़ रहा है, जिससे देनदारी और बढ़ती जा रही है।
ऊर्जा निगम की ओर से पालिका प्रशासन को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं और नियमित रूप से बिल भी भेजे जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, बकाया वसूली के तहत कुछ स्ट्रीट लाइट कनेक्शन काटे गए हैं, हालांकि यह कार्रवाई सीमित स्तर पर ही रही है।
इस बीच, आम उपभोक्ताओं पर की जा रही सख्त कार्रवाई और पालिका के मामले में धीमी प्रगति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपभोक्ताओं के छोटे बकाये पर त्वरित कार्रवाई के विपरीत, करोड़ों के बकाये की वसूली लंबित रहना चर्चा का विषय बना हुआ है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) तारिक खान ने बताया कि अभी तक बिजली बिल का भुगतान नहीं हो पाया है। इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष से वार्ता कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता रवि कुमार के अनुसार, पालिका को लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं और भुगतान न होने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



