
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: जिला एवं सत्र न्यायालय, रोशनाबाद में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कोर्ट में पेश हुए चार तथाकथित जमानतियों की पोल खुल गई। आरोपियों को जेल से छुड़ाने के लिए पेश हुए ये जमानती खुद ही कानून के शिकंजे में फंस गए। जांच में सामने आया कि ये लोग पेशेवर जमानती हैं, जो अलग-अलग मामलों में बार-बार जमानत लेकर अदालत को गुमराह कर रहे थे।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई…..
पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। कोर्ट में पेश रिकॉर्ड और कंप्यूटर डेटा की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित जमानतियों ने कई मामलों में पहले भी जमानत ली थी, लेकिन अपने शपथपत्र में इसका कोई उल्लेख नहीं किया। इसे न्यायालय को गुमराह करने और झूठा हलफनामा देने जैसा गंभीर अपराध माना गया।
थाना प्रभारी नितेश शर्मा के नेतृत्व में मुकदमा दर्ज….
थाना सिडकुल प्रभारी नितेश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने कमलेश, उज्ज्वल सिंह, नरेश प्रताप बहुगुणा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
कोर्ट में ऐसे खुली पोल…..
मामला उस समय सामने आया जब CJM न्यायालय में ‘सरकार बनाम रोशन लाल’ प्रकरण की सुनवाई के दौरान ये चारों जमानती अलग-अलग अभियुक्तों—मुकेश कुमार उर्फ मोनू, रोशन लाल और राजेश कुमार—की जमानत लेने पहुंचे थे। संदेह होने पर जब उनके रिकॉर्ड खंगाले गए तो सच्चाई उजागर हो गई।
सख्त संदेश: कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं…..
हरिद्वार पुलिस ने साफ कर दिया है कि कानून के साथ छल करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जो लोग अब तक दूसरों के लिए जमानत की गारंटी देते फिर रहे थे, अब उन्हें खुद अपनी जमानत के लिए जद्दोजहद करनी पड़ेगी।



