
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड विजिलेंस ने जीएसटी कार्यालय में तैनात एक डाटा क्लर्क को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान प्रमोद सेमवाल के रूप में हुई है, जो उपनलकर्मी के तौर पर कार्यरत था।
मामला एक बंद हो चुकी कंपनी के टैक्स सेटलमेंट से जुड़ा है। हरिद्वार निवासी पीड़ित ने विजिलेंस से शिकायत की थी कि उसकी कंपनी का लंबित टैक्स प्रकरण निपटाने के एवज में उससे 20 हजार रुपये की मांग की जा रही है। आरोप है कि बिना रकम दिए फाइल आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया गया था।
शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय रणनीति के तहत जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच का विषय है कि क्या वह किसी वरिष्ठ अधिकारी के इशारे पर काम कर रहा था या फिर यह उसकी व्यक्तिगत करतूत थी। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जाएगी और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सतर्कता विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी कार्य के बदले अवैध धनराशि मांगता है तो उसकी शिकायत तत्काल करें।



