गंगा तट पर रचेगा आध्यात्मिक इतिहास, दिव्य-भव्य होगा हरिद्वार कुंभ मेला; रविंद्रपुरी महाराज..
संतो ने किया कुंभ मेला अधिकारी सोनिका का स्वागत, संत समाज और प्रशासन एकजुट..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: आगामी हरिद्वार कुंभ मेला सनातन परंपराओं की गरिमा के अनुरूप दिव्य और भव्य स्वरूप में संपन्न होगा। यह विश्वास अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुंभ की तर्ज पर हरिद्वार कुंभ को भी ऐतिहासिक बनाने के लिए संत समाज और मेला प्रशासन पूरी तरह एकजुट है।
इस अवसर पर अखिल भारतीय उदासीन निर्मल परिषद के प्रभारी श्रीमहंत दुर्गादास महाराज के साथ संत समाज ने कुंभ मेला अधिकारी सोनिका व अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती का शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया और कुंभ मेला तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की।
श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में कुंभ मेला प्रशासन द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य श्रद्धालुओं और अखाड़ों के लिए सुविधाजनक सिद्ध होंगे। कुंभ मेले को सकुशल, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने में मेला प्रशासन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, और मेला अधिकारी सोनिका के प्रशासनिक अनुभव का लाभ संत समाज और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा।
श्रीमहंत दुर्गादास महाराज ने कहा कि कुंभ मेला सनातन संस्कृति की वैश्विक पहचान है। गंगा तट पर होने वाला विशाल संत समागम पूरे विश्व को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करेगा। वहीं कुंभ मेला अधिकारी सोनिका ने कहा कि शीघ्र ही सभी अखाड़ों के साथ बैठक कर कुंभ मेले के दौरान होने वाले निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर महंत रामनौमी दास, महंत राघवेंद्र दास, महंत गोविंददास, महंत सूर्यांश मुनि, महंत हनुमान दास, स्वामी राम मुनि, महंत प्रेमदास, महंत जयेंद्र मुनि सहित अनेक संत-महंत उपस्थित रहे।



