“तीन सालों में एनकाउंटर और वारदातों के खुलासों में अव्वल रही हरिद्वार पुलिस..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार पुलिस ने पिछले तीन सालों में अपराधियों के खिलाफ सबसे आक्रामक रुख अपनाते हुए रिकार्ड कायम किया है।एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के कार्यकाल में पुलिस और बदमाश 48 बार आमने–सामने आए, जिनमें हर बार पुलिस का पलड़ा भारी रहा। इस दौरान दो कुख्यात बदमाश मारे गए, जबकि सौ से अधिक अपराधी पुलिस के शिकंजे में आए।
सबसे चर्चित घटनाओं में बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड का आरोपी अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू का एनकाउंटर रहा। ज्वालापुर में बालाजी ज्वैलर्स डकैती का आरोपी भी मुठभेड़ में मारा गया। इन कार्रवाइयों ने प्रदेशभर में हरिद्वार पुलिस की छवि को नई ऊंचाई दी।
पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि लूट, डकैती और चोरी की वारदातों में खुलासे का रिकार्ड भी हरिद्वार पुलिस के नाम रहा। पुलिस ने न सिर्फ आरोपियों को पकड़ा बल्कि लूटी गई रकम और जेवरात भी बरामद किए। लगातार रात्रि गश्त और सख्ती से चोरी की घटनाओं पर लगाम लगी।
लॉ एंड आर्डर में कप्तान का जलवा……
हरिद्वार मिश्रित आबादी वाला और संवेदनशील जिला माना जाता है। ऐसे में शांति व्यवस्था बनाए रखना हमेशा बड़ी चुनौती रहती है। लेकिन एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल पहले हरिद्वार देहात के एसएसपी रह चुके हैं, लिहाजा जिले की नब्ज़ को भलीभांति समझते हैं। यही अनुभव उनके लिए कारगर साबित हुआ। छोटे-बड़े विवादों को हरिद्वार पुलिस ने संवेदनशीलता से सुलझाया और सभी वर्गों का विश्वास जीता। नतीजतन कप्तान डोबाल की कार्यशैली की हर तरफ सराहना हो रही है। महिला और बाल अपराधों को लेकर भी एसएसपी डोबाल का रवैया संवेदनशील रहा। त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों को राहत और न्याय दिलाने में हरिद्वार पुलिस सफल रही।
2023 में जब प्रमेंद्र डोबाल ने एसएसपी पद संभाला, तब उत्तराखण्ड में एनकाउंटर की परंपरा लगभग थमी हुई थी। लेकिन हरिद्वार पुलिस ने कई सालों बाद बदमाशों को सीधे ललकारने का साहस दिखाया और लगातार कामयाबी हासिल की।