हरिद्वार

“कब्रिस्तान में रसीद के बदले पैसे मांगने के आरोपों के पीछे निकली गहरी साजिश, कारपेंटर निकला मास्टरमाइंड..

आखिर क्यों हजम नहीं हो रहे कब्रिस्तान के विकास कार्य, क्यों रची जा रही बार-बार साजिश..

खबर को सुनें

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: सुभाष नगर कब्रिस्तान में रसीद के नाम पर पैसे मांगने के आरोपों को लेकर वायरल किए गए वीडियो का पटाक्षेप हो गया है। पड़ताल में सामने आया है कि सोची-समझी साजिश के तहत पूरा फर्जीवाड़ा किया गया था। जिसका उद्देश्य कब्रिस्तान की वर्तमान प्रबंध समिति और वहां कराए जा रहे विकास कार्यों को बाधित करना था। साजिश रचने वालों के खिलाफ उत्तराखंड वक्फ बोर्ड कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।
—————————————-
कारपेंटर निकला मास्टरमाइंड….वायरल वीडियो की पड़ताल में सामने आया है कि सराय में रह रहे एक व्यक्ति का योजनाबद्ध तरीके से वीडियो बनाया गया और उस पर रसीद के बदले पैसे मांगने जैसे आरोप लगाए गए। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर माहौल खराब करने की कोशिश की गई। हालांकि शुरुआत से ही शहर की जागरूक जनता ने इस वीडियो और आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड मगलौर के टांडा क्षेत्र का एक कथित कारपेंटर बताया जा रहा है, जो स्वयं को पत्रकार के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहा था। सामने आया है कि पहले उपजिलाधिकारी और उत्तराखंड वक्फ बोर्ड को तथ्यहीन शिकायत भेजी गई, ताकि मौजूदा प्रबंध समिति को अस्थिर किया जा सके। इसके बाद एक नई समिति गठित कर उसे वक्फ बोर्ड में प्रस्तुत किया गया, जिसमें दोनों कथित साजिशकर्ताओं सहित कुछ अन्य नाम शामिल बताए जा रहे हैं। यह भी सामने आया है कि साजिश में शामिल एक कथित पत्रकार पर वसूली जैसे गंभीर आरोप लगे हुए हैं, जबकि कथित कारपेंटर के खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है।
—————————————-
कब्रिस्तान में विकास कार्यों से कौन परेशान…?नई प्रबंध समिति के कार्यभार संभालने के बाद कब्रिस्तान में व्यापक स्तर पर विकास कार्य कराए गए। साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था के साथ पीने के पानी, वुजू और नमाज अदा करने के लिए समुचित इंतजाम किए गए। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए न केवल कब्रिस्तान की चाहरदीवारी कराई गई, बल्कि निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए। साथ ही कब्रिस्तान में दफन होने वाले मृतकों का पूरा विवरण विधिवत रिकॉर्ड में सुरक्षित रखा जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। इसके अलावा कई अन्य विकास कार्य भी किए गए हैं, जो कुछ लोगों को रास नहीं आ रहे और इसी कारण बार-बार विवाद खड़ा करने की कोशिशें सामने आ रही हैं।
—————————————-पूरे प्रकरण के स्पष्ट होने के बाद यह सवाल और गहरा गया है कि आखिर कब्रिस्तान में हो रहे विकास कार्य कुछ लोगों को क्यों हजम नहीं हो रहे। क्यों बार-बार झूठे आरोप और वीडियो के सहारे साजिश रची जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!