
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: ज्वालापुर के मयूर विहार में जबरन गेट लगाने को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मात्र 24 घंटे के भीतर दूसरी बार कॉलोनी में गुंडई देखने को मिली, जिसमें दो परिवारों पर लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला कर दिया गया। हमले में महिलाएं और बच्चे तक नहीं बचे।
शनिवार को गेट लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद रविवार सुबह हिंसा में बदल गया। पीड़ितों का आरोप है कि शहर के नामी बिल्डर सतीश त्यागी के बेटे अभिषेक त्यागी के इशारे पर
यह हमला कराया गया। कॉलोनी में जब लोग गेट लगाने का विरोध करने पहुंचे, तो अचानक भीड़ ने हमला कर दिया।
हमले में उत्तरांचल पंजाबी महासभा के पूर्व जिला अध्यक्ष परमानंद पोपली और स्थानीय नागरिक संदीप अरोड़ा गंभीर रूप से घायल हो गए।
आरोप है कि हमलावर किराए के गुंडे थे, जिन्हें प्रॉपर्टी डीलर की ओर से बुलाया गया था। पिटाई के दौरान महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ा गया।
शनिवार को भी इसी गेट को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसमें संदीप अरोड़ा और उनके बेटे को पीटा गया था। घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने गेट लगाने का कार्य कांवड़ यात्रा समाप्त होने तक रोकने के निर्देश दिए थे।
बावजूद इसके रविवार को दोबारा गेट लगाने की कोशिश की गई, जिसका विरोध करने पर यह ताजा हमला हुआ।
घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए, जबकि पीड़ित पक्ष थाने में कार्रवाई की मांग को लेकर डटा रहा। पीड़ित परिवारों ने स्पष्ट रूप से कहा कि गेट उनके घर के ठीक बाहर लगाया जा रहा है,
जो न केवल अवैध है बल्कि निजी रास्ते को भी बंद करता है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं।