“हाईकोर्ट सख्त: कोर्ट को गुमराह करने पर पूर्व अध्यक्ष पर ₹1 लाख जुर्माना, दो हफ्ते में जमा न करने पर कुर्की की चेतावनी..

पंच👊नामा
रुड़की/नैनीताल: राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, रोहालकी किशनपुर में लंबे समय से चल रहे प्रबंधन विवाद पर आखिरकार हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल की डबल बेंच ने न सिर्फ विवादित सदस्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट की, बल्कि कोर्ट को गुमराह करने और न्यायिक समय की बर्बादी के मामले में पूर्व अध्यक्ष अनुज कुमार मुखिया पर ₹1,00,000 का जुर्माना भी ठोंक दिया।
89 सदस्यों की सदस्यता वैध, विरोधी खेमे को झटका…..
हाईकोर्ट के आदेश के बाद गांव रोहालकी किशनपुर के 89 सदस्यों की सदस्यता को पूर्ण रूप से वैध मान लिया गया है। यह फैसला प्रबंधक जयंत चौहान के खेमे के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जबकि विरोध कर रहे दूसरे गुट को करारा झटका लगा है। गौरतलब है कि करीब 17 सदस्यों ने इन 89 सदस्यों की वैधता पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया था।
फर्जी दस्तावेज पर कोर्ट नाराज, लगाया जुर्माना….
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि पूर्व अध्यक्ष अनुज कुमार मुखिया द्वारा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की गई, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हुई और समय की बर्बादी हुई। इसी आधार पर कोर्ट ने एक लाख रुपये का दंड लगाया और निर्देश दिया कि यह राशि दो सप्ताह के भीतर जमा कराई जाए।
भुगतान न करने पर कुर्की की चेतावनी….
हाईकोर्ट ने साफ चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में जुर्माना जमा न करने की स्थिति में कुर्की (संपत्ति जब्ती) की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। यह आदेश मामले की गंभीरता को दर्शाता है और न्यायालय की सख्त मंशा को भी स्पष्ट करता है।
गांव में खुशी की लहर, प्रबंधन ने जताया आभार…..
मृतक भूमि दानदाताओं की सदस्यता को वैध ठहराए जाने के बाद गांव में खुशी का माहौल है। प्रबंधक जयंत चौहान ने इसे “सच्चाई की जीत” बताते हुए कहा कि कुछ लोग छोटी मानसिकता के चलते विद्यालय के विकास में बाधा उत्पन्न कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंध समिति को बदनाम करने के लिए कर्मचारियों और विभागीय अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया गया, लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है।



