“इंस्पेक्टर महान, अफसर नादान, लाइन हाजिर होते ही पैराशूट से भरी उड़ान, थामी कोतवाली की कमान..
उत्तराखंड पुलिस में जिसकी "तिकड़म फिट, उसकी पिक्चर हिट, नियम के नाम पर "लिटिल बिट"..

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: उत्तराखंड पुलिस में तिकड़मबाजी के जिस कारनामे पर नज़र न जाये, बस वही कम है। सिस्टम को सुधारने के लिए अधिकारी लाख जतन कर लें, लेकिन तिकड़मबाजों के तिलिस्म को नहीं तोड़ पाते। एक चर्चित इंस्पेक्टर ने अपनी एक गोटी फेंककर कई भोले अफसरों की आंखों से सुरमा चुरा लिया।
हुआ यूं कि लाख गलतियां माफ करने के बाद बड़े बवाल में साहब को आखिरकार इंस्पेक्टर प्यारे लाल (काल्पनिक नाम) को लाइन हाजिर करना पड़ा। लेकिन प्यारे लाल को इससे क्या फर्क पड़ता है। उन्होंने तुरंत चक्कर चलाया और फ्लिपकार्ट से “मेड इन जर्मनी” पैराशूट मंगवाया और खराब मौसम के बीच दूसरे जिले के लिए उड़ान भर दी।
कहा जाता है कुछ फैसले इंसान के हाथ में नहीं होते, सीधे आसमान से उतरते हैं। ठीक उसी तरह इंस्पेक्टर प्यारे लाल का पैराशूट सीधे नामचीन कोतवाली की छत पर उतरा और तभी एफएम रेडियो पर गाना बजा “बहारों फूल बरसाओ, मेरा महबूब आया है… पूरा जिला और कुर्सी के दावेदार बेहोश, ओह शिट..!!
ये क्या हुआ, कैसे हुआ। अब कोई कह रहा है प्यारेलाल की सफलता में ऊपर बैठे लक्ष्मीकांत का भी बराबर का रोल है, लेकिन संगीतकार जोड़ी तो हिट है न। अब बॉलीवुड से वापस उत्तराखंड लौटते हैं…
सीधे तौर पर श्रीमान डीजीपी से सवाल ये है कि लाइन हाजिर होना सजा थी तो मलाईदार कोतवाली का मज़ा किस खुशी में…?? क्या मिस्टर प्यारेलाल ने वाकई अधिकारियों का चंपू बना डाला…?? जानने के लिये बने रहिये हमारे साथ।



