नगर निगम जमीन घोटाले और सीएसआर फंड की जांच फाइल ठंडे बस्ते में, सुराज सेवादल ने दी चेतावनी..
शासन के निर्देशों के बावजूद लापरवाही और तहसीलदार पर कार्रवाई न होने पर उठाए सवाल..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार : सुराज सेवादल उत्तराखंड ने गुरुवार को जिलाधिकारी हरिद्वार को ज्ञापन सौंपकर नगर निगम जमीन घोटाले, सीएसआर फंड घोटाले, शराब ठेकों और ज्वालापुर मंडी समिति में भ्रष्टाचार की जांच लंबित रहने पर कड़ी नाराजगी जताई। संगठन ने साफ चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर ठोस और पारदर्शी कार्रवाई शुरू नहीं की गई तो जनता के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नगर निगम के चर्चित जमीन घोटाले में जहां दो आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी पर गाज गिरी, वहीं भूमि की श्रेणी बदलने वाले तहसीलदार और अन्य कर्मचारियों पर अब तक कार्रवाई नहीं की गई। सवाल उठता है कि आखिर किस दबाव में इनको बचाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सिडकुल क्षेत्र में एंकर पैनासोनिक कंपनी की ओर से हलजौरा गांव में सीएसआर फंड से करीब दो करोड़ की लागत से कराए गए कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत के बाद 30 जून 2025 को गढ़वाल मंडलायुक्त और मुख्यमंत्री के सचिव विनय शंकर पांडेय ने जांच के आदेश दिए थे। लेकिन खेद है कि दो माह बीत जाने के बाद भी फाइलें ठंडे बस्ते में पड़ी हैं और कार्रवाई शून्य है।
प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने कहा कि “जनहित और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर यदि एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं होती तो सुराज सेवादल जनता के साथ सड़क पर उतरेगा। सरकार की संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जमीन घोटाले, सीएसआर फंड घोटाले, शराब ठेकों और ज्वालापुर मंडी में गड़बड़ियों की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।” प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री देवेंद्र बिष्ट, विजेंद्र राघव, राहुल नफीस, परवेज जमाल और जावेद शामिल रहे।
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ज्ञापन में जांच के पांच प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।
. नगर निगम जमीन घोटाले में तहसीलदार और कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों टाली जा रही है।
. सिडकुल स्थित एंकर पैनासोनिक का हलजौरा गांव में सीएसआर घोटाला।
. ज्वालापुर मंडी समिति में दुकानों के आवंटन से जुड़ी अनियमितताएं।
. सिडकुल क्षेत्र की सरकारी भूमि पर अवैध शराब ठेका।
. श्यामपुर कांगड़ी में शराब ठेका — रजिस्ट्री, दूरी और सीसीटीवी नियमों का उल्लंघन।