
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: करीब 60 से अधिक संगीन मुकदमों में नामजद कुख्यात अपराधी विनय त्यागी की मौत ने उसके आपराधिक साम्राज्य और कानून के शिकंजे—दोनों को फिर सुर्खियों में ला दिया है। हत्या, लूट, वसूली, डकैती और ठगी जैसे गंभीर अपराधों में लंबे समय से सक्रिय रहे विनय त्यागी ने शनिवार सुबह एम्स ऋषिकेश में दम तोड़ दिया।
24 दिसंबर की रात पुलिस अभिरक्षा में हुए हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके दोनों हमलावरों को 24 घन्टे में गिरफ्तार कर उत्तराखंड पुलिस का साफ संदेश दिया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्ती में कोई ढील नहीं दी जाएगी
विनय त्यागी मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला था और मेरठ से उसने अपराध की दुनिया में पहचान बनाई। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड तक फैले नेटवर्क के साथ वह कई आपराधिक गिरोहों के संपर्क में रहा।
काशीपुर, रुड़की और आसपास के इलाकों में वर्चस्व को लेकर उसकी कई गैंगों से खुली दुश्मनी चल रही थी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास के अलावा संगठित वसूली और डकैती जैसे मामलों में दर्जनों मुकदमे दर्ज थे।
घटना के दिन विनय त्यागी को पेशी के लिए ले जाया जा रहा था। लक्सर बाइक सवार बदमाशों ने पुलिस वाहन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में विनय त्यागी गंभीर रूप से घायल हुआ, जबकि कुछ पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए। पुलिस की त्वरित कार्रवाई में दोनों हमलावरों को मौके के बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विनय त्यागी की आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए इस हमले के पीछे गैंगवार, पुरानी रंजिश और आपराधिक लेन-देन जैसे कई पहलुओं पर एक साथ जांच की जा रही है। पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि उत्तराखंड में अपराधियों के खिलाफ सख्ती में कोई ढील नहीं दी जाएगी। संगठित अपराध से जुड़े लोगों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ना पुलिस की प्राथमिकता है। विनय त्यागी की मौत के बाद भी उससे जुड़े आपराधिक संपर्कों और आर्थिक लेन-देन की जांच जारी है।
फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों को जोड़ते हुए मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने रखी जाएगी।



