मंगलौर में शिया समुदाय का उबाल, आयतुल्लाह सैयद अली हुसैनी ख़ामेनई की मौत की खबर पर अमेरिका के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन..

पंच👊नामा
रुड़की: रुड़की के मंगलौर क्षेत्र में शिया समुदाय के लोगों ने ईरान के सर्वोच्च नेता और शिया जगत के प्रमुख धार्मिक-राजनीतिक मार्गदर्शक आयतुल्लाह सैयद अली हुसैनी ख़ामेनई की कथित मौत की खबर के बाद अमेरिका के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
मोहल्ला पठानपुरा स्थित बड़े इमामबाड़ा में आयोजित इस प्रदर्शन में हजारों की संख्या में लोग जुटे, जिनमें महिलाओं की भागीदारी भी बड़ी संख्या में देखी गई। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका विरोधी नारे लगाते हुए घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
धार्मिक और राजनीतिक नेतृत्व का हवाला, शहादत का किया दावा…….
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आयतुल्लाह सैयद अली हुसैनी ख़ामेनई न केवल ईरान के सर्वोच्च नेता थे, बल्कि वैश्विक शिया समुदाय के लिए एक प्रमुख धार्मिक मार्गदर्शक और प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे। समुदाय के लोगों ने कहा कि उनकी “मौत नहीं हुई, बल्कि वह शहीद हुए हैं” और जब तक दुनिया कायम रहेगी, वह लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे।
अमेरिका पर तानाशाही का आरोप…….
प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राज्य अमेरिका पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि 1400 वर्ष पूर्व भी अत्याचार और जुल्म के खिलाफ आवाज उठी थी और आज भी किसी प्रकार की तानाशाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी ताकत अन्याय के बल पर लंबे समय तक कायम नहीं रह सकती।
देश में शांति बनाए रखने की अपील…..
प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से देश में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहजीब को किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होने दिया जाना चाहिए। इस दौरान वक्ताओं ने लोगों से संयम बरतने और सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील भी की।
प्रशासन रहा सतर्क…..
कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मौके पर तैनात रहा तथा पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी गई। गौरतलब है कि इस घटना को लेकर देश के अन्य हिस्सों — दिल्ली, लखनऊ तथा कश्मीर सहित विभिन्न स्थानों पर भी विरोध प्रदर्शन और सभाओं की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन की ओर से सभी स्थानों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है।



