स्वदेशी क्रांति से ही अर्थव्यवस्था का होगा उत्थान: प्रो. सुनील बत्रा
आईसीएआई हरिद्वार शाखा में संवाद, नव प्रवेशी सीए प्रशिक्षुओं ने कहा– ट्रंप के टैरिफ का देंगे मजबूती से जवाब..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: हरिद्वार स्थित आईसीएआई शाखा में नव प्रवेशी सीए प्रशिक्षुओं के साथ एक सामूहिक संवाद का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में जाने-माने वाणिज्यशास्त्री प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए ऊंचे टैरिफ के मुद्दे पर विचार रखे।प्रो. बत्रा ने कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है कि भारत अपने स्वदेशी उत्पादों और तकनीकों को बढ़ावा दे। उन्होंने जोर दिया कि आर्थिक संकट से बाहर निकलने का मार्ग केवल स्वदेशी क्रांति है। बत्रा ने कहा— “भारत एक विशाल देश है जिसे हर राष्ट्र एक बड़े बाजार के रूप में देखता है। हमें युवाओं के पलायन को रोकते हुए रोजगार व तकनीकी विकास पर ध्यान देना होगा। साथ ही हमें डॉलर पर निर्भरता घटाकर विभिन्न देशों की मुद्रा में व्यापार को बढ़ावा देना चाहिए ताकि रुपया विश्व स्तर पर मजबूत हो सके।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में गुजरात के हंसलपुर में मारुति कंपनी के ईवी कार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के उद्घाटन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कदम भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है।
इस मौके पर सीए प्रशिक्षुओं ने भी अपने विचार रखे। प्रशिक्षु ओम गुप्ता, अभिषेक गुसाईं, हर्षित अवस्थी, अंशिका धीमान, शिवांश, खुशी, तनिश कुमार मेहरा, शिवांश कीर्तिपाल, अक्षरा, ईशा थपलियाल, कृष्णा अग्रवाल, आशीष वार्ष्णेय और तनुश अग्रवाल ने सामूहिक रूप से कहा कि यह नया और युवा भारत है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ निर्णय का मजबूती से सामना करेगा।