
पंच👊नामा
रुड़की: अपराधियों के खिलाफ चल रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत हरिद्वार पुलिस का सख्त रुख लगातार रंग ला रहा है। ताजा मामले में कोतवाली मंगलौर पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर लूट की वारदात का खुलासा करते हुए एक शातिर लुटेरे को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने गरीब फेरी लगाने वाले को निशाना बनाकर लूटपाट की थी, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर पूरे जिले में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत सघन चेकिंग और अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 4 अप्रैल की शाम पुराना मंगलौर नहर पुल पर साइकिल सवार से तीन बदमाशों द्वारा लूट की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वादी श्याम कुमार की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।
प्रभारी निरीक्षक भगवान मेहर के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तेजी दिखाते हुए घटनास्थल के आसपास के डिजिटल साक्ष्य खंगाले, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और सघन चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान लिंक रोड पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध को दबोच लिया गया, जिसने पूछताछ में लूट की वारदात कबूल कर ली।
पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर क्षेत्र में कई चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया। उसने ग्राम थीथकी में 25 फरवरी को हुई चोरी की घटना में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब फरार साथियों की तलाश में दबिश दे रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान आलोक उर्फ मीठा पुत्र मांगेराम निवासी ग्राम नजरपुरा, कोतवाली मंगलौर के रूप में हुई है। उसके कब्जे से ₹520 की लूटी हुई नकदी, एक चाकू, एक आधार कार्ड और करीब 3 किलो तांबे के चोरी के तार बरामद किए गए हैं। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी खासी लंबी फेहरिस्त वाला है, जिसमें चोरी, गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक वाजिन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक नितिन विष्ट, कांस्टेबल मोहन पंवार, कांस्टेबल विनोद वर्तवाल शामिल रहे।



