“पंजनहेड़ी गोलीकांड: अतुल चौहान की पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार, अमित चौहान का पलटवार, मदन कौशिक व मातृसदन पर लगाए गंभीर आरोप..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: कनखल के ग्राम नूरपुर पंजनहेड़ी में भूमि पैमाइश के दौरान हुए गोलीकांड को लेकर विवाद और गहराता जा रहा है। सोमवार को एक ओर जहां गोलीकांड के आरोपित अतुल चौहान की पत्नी दीपशिखा चौहान ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई, वहीं दूसरी ओर जिला पंचायत उपाध्यक्ष व भाजपा नेता अमित चौहान ने मीडिया को जारी बयान में पूरे मामले को आत्मरक्षा की आड़ में किया गया सुनियोजित हमला बताया है। अमित कुमार ने मातृसदन और हरिद्वार विधायक मदन कौशिक को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दीपशिखा चौहान ने कहा कि यह मामला केवल मारपीट या गोलीबारी का नहीं, बल्कि सरकारी भूमि को खुर्दबुर्द होने से बचाने की लड़ाई से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति अतुल चौहान लंबे समय से ग्राम नूरपुर पंजनहेड़ी में अवैध प्लाटिंग, बागों की अवैध कटाई और कृषि भूमि पर कब्जों के खिलाफ प्रशासन और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में शिकायतें कर रहे थे और इस संबंध में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी दायर की गई थी।
इसी कारण प्रभावशाली लोगों से उनके पति की रंजिश बढ़ी और उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जाने लगीं। दीपशिखा चौहान ने आरोप लगाया कि पैमाइश के दौरान मौके पर पहले से मौजूद लोगों ने उनके पति और भतीजे पर जानलेवा हमला किया, जिसके बाद आत्मरक्षा में फायर किए गए। आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने उनके नाबालिग बेटे को जबरन घर से उठाकर चौकी ले जाकर उसके साथ मारपीट की, जिससे वह मानसिक रूप से आहत है। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
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जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान ने मीडिया को जारी अपने बयान में दीपशिखा चौहान के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि नूरपुर पंजनहेड़ी की घटना आत्मरक्षा नहीं बल्कि पूरी तरह से सुनियोजित हमला थी। उन्होंने कहा कि पैमाइश के दौरान कोई रणक्षेत्र नहीं था और न ही कोई हिंसक माहौल, बावजूद इसके अतुल चौहान और तरुण चौहान पिस्तौल लेकर मौके पर पहुंचे और गोलियां चलाईं, जिसमें उनके भाई सचिन चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए और वर्तमान में एम्स में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
अमित चौहान ने कहा कि आत्मरक्षा की दलील पूरी तरह झूठी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास भी लाइसेंसी हथियार है, लेकिन वे हथियार लेकर मौके पर नहीं गए। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों आरोपी पहले भी विवादों में रहे हैं और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मातृसदन संस्था राजनीतिक द्वेष रखने वाले लोगों का साथ देकर पूरे मामले को एकतरफा रूप में प्रस्तुत कर रही है और चुनिंदा नेताओं को बदनाम करने का प्रयास कर रही है।
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अमित चौहान ने शहर विधायक मदन कौशिक पर भी आरोप लगाया कि वे पीड़ित पक्ष से मिलने के बजाय आरोपियों के घर जाकर उन्हें संरक्षण दे रहे हैं, जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने एसएसपी से फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा और पार्टी नेतृत्व से आरोपियों को पदमुक्त कर निष्कासित करने की मांग की। यह भी कहा कि जिन किसानों से भूमि खरीदी गई है, उनमें से किसी ने भी कोई शिकायत नहीं की है और अवैध प्लाटिंग के आरोप निराधार हैं।



