पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: दोपहिया वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर ज्वालापुर पुलिस ने बड़ी चोट करते हुए अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की 10 बाइक और स्कूटी बरामद की हैं। आरोपी हरिद्वार और देहरादून से बाइक चोरी कर उन्हें नहर पटरी के किनारे स्थित एक खंडहर में छुपाकर रखते थे। पुलिस की सख्त चेकिंग और सुरागरसी के चलते आखिरकार चोरों का खेल खत्म हो गया।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने ज्वालापुर कोतवाली में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीती 5 मार्च को शुभम कुमार निवासी इमलीखेड़ा थाना पिरान कलियर ने अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्वालापुर पुलिस को जल्द खुलासे के निर्देश दिए गए। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ संदिग्धों से पूछताछ और लगातार चेकिंग अभियान चलाया, जिसके बाद पूरे गिरोह का भंडाफोड़ करने में सफलता मिली।
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने उपनिरीक्षक अंशुल अग्रवाल की अगुवाई में चेकिंग के दौरान 9 मार्च को नहर पटरी रेगुलेटर पुल के पास दो संदिग्धों को चोरी की बाइक के साथ दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बाइक चोरी की वारदात कबूल कर ली। उनकी निशानदेही पर पुरानी कांवड़ पटरी के पास स्थित एक खंडहर से 8 मोटरसाइकिल और 2 स्कूटी बरामद की गईं, जिन्हें हरिद्वार और देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों से चोरी किया गया था।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोसिन पुत्र जान आलम और गुल्सान पुत्र बलीन, निवासी ग्राम गाडोवाली थाना पथरी, हरिद्वार के रूप में हुई है। दोनों आरोपी कम पढ़े-लिखे हैं, लेकिन वाहन चोरी में माहिर बताए जा रहे हैं। मोसिन राजमिस्त्री का काम करता है जबकि गुल्सान ई-रिक्शा मैकेनिक है। बरामद वाहनों में कई बाइक देहरादून के अलग-अलग थानों में दर्ज चोरी के मामलों से संबंधित पाई गई हैं। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी डीसीआरबी और अन्य माध्यमों से जुटा रही है। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम….
प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक खेमेन्द्र गंगवार, चौकी बाजार प्रभारी उपनिरीक्षक अंशुल अग्रवाल, उपनिरीक्षक मनीष भंडारी, उपनिरीक्षक गम्भीर तोमर, कांस्टेबल गणेश तोमर, कांस्टेबल रवि चौहान, कांस्टेबल कपिल गोला, कांस्टेबल आलोक नेगी, कांस्टेबल दिनेश कुमार, कांस्टेबल मनोज डोभाल और कांस्टेबल अंकुर चौधरी शामिल रहे।



