
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर सिडकुल थाना पुलिस ने फर्जी और पेशेवर जमानती गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरगना सरफराज और उसके साथी सतीश को गिरफ्तार किया है।
यह गैंग अदालत में झूठे शपथपत्र और फर्जी दस्तावेज लगाकर आरोपियों की जमानत कराता था। खुलासा हुआ है कि सतीश एक नामी अधिवक्ता का हमनाम होने का फायदा उठाकर इस पूरे खेल को अंजाम देता था।
पुलिस के अनुसार, सीजेएम कोर्ट रोशनाबाद में जमानतियों ने न्यायालय को गुमराह कर झूठे शपथपत्र पेश किए थे। इस पर 23 मार्च 2026 को थाना सिडकुल में मुकदमा दर्ज कर पहले ही गैंग के तीन सदस्य कमलेश, उज्ज्वल और नरेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस कप्तान के निर्देश पर सिडकुल थाना प्रभारी नितेश शर्मा के नेतृत्व में एक टीम ने मामले की गहन विवेचना की और जड़ें खंगाली। जिसके बाद टीम ने गैंग के मास्टरमाइंड सरफराज पुत्र उम्रदराज निवासी चौहानान ज्वालापुर और उसके सहयोगी सतीश पुत्र यशपाल निवासी बहादरपुर जट पथरी को दबोच लिया।
जांच में सामने आया कि सरफराज दस्तावेजों में हेरफेर कर जमानत का नेटवर्क संचालित करता था, जबकि सतीश अपनी पहचान छिपाने और भरोसा हासिल करने के लिए एक चर्चित अधिवक्ता के नाम से मिलते-जुलते नाम का इस्तेमाल करता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जीएम द्वितीय कोर्ट में चल रहे एक मामले में साक्षी तिवारी की जमानत के लिए जो जमीन के कागजात लगाए गए, वे वास्तव में किसी अन्य व्यक्ति के थे। जमीन के असली मालिक को इस बात की जानकारी तक नहीं थी कि उसकी संपत्ति के दस्तावेज अदालत में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
आरोपियों ने झूठे साक्ष्य, फर्जी शपथपत्र और भ्रामक जानकारी के जरिए न्यायालय को गुमराह किया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से कई अहम दस्तावेज और पहले गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी नवनीत सिंह का कहना है कि गैंग के अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क की भी जांच जारी है।
वहीं, दो दिन पहले मेडिकल के दौरान ऐसे ही एक आरोपी नरेश की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई। जिसमें हार्टअटैक ही मौत का कारण निकला है।



