“कलियर में अपराधियों पर कहर बनकर टूटे रविन्द्र कुमार, एक साल में लिखी सख्त कानून व्यवस्था की नई इबारत..
एक साल में अपराध पर सख्त लगाम, बड़े खुलासों और त्वरित कार्रवाई से जीता आमजन का भरोसा..

पंच👊नामा
रुड़की: पिरान कलियर में निवर्तमान थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार का एक वर्ष का कार्यकाल सख्त कानून व्यवस्था, तेज कार्रवाई और प्रभावी पुलिसिंग के लिए याद किया जाएगा। उनके नेतृत्व में पुलिस ने न सिर्फ अपराधियों पर शिकंजा कसा, बल्कि आमजन में सुरक्षा और विश्वास का माहौल भी मजबूत किया।
पिरान कलियर में मार्च माह में कार्यभार संभालने के बाद थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार के सामने कई चुनौतियां थीं, लेकिन उन्होंने अपने कुशल नेतृत्व और सक्रिय कार्यशैली से हालातों को तेजी से बदला। चंद घंटों में बड़ी से बड़ी वारदातों का खुलासा कर उन्होंने यह साबित किया कि पुलिस अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण रखने में सक्षम है।
शासन और पुलिस मुख्यालय स्तर से संचालित ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान, ऑपरेशन कालनेमि, सत्यापन अभियान और ऑपरेशन लगाम जैसे अभियानों में कलियर पुलिस ने पूरी मुस्तैदी से कार्य करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की। नशे के कारोबार पर कड़ी चोट करते हुए एनडीपीएस के 13 मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें करीब दो दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
क्षेत्र में गेस्ट हाउसों में चल रही अनैतिक गतिविधियों और देह व्यापार पर प्रभावी अंकुश लगाया गया, वहीं पुरानी रंजिशों के चलते होने वाले खूनी संघर्षों पर भी पूर्ण विराम लगाने में सफलता मिली।
पुलिसिंग का दायरा सिर्फ अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि थाने के लिए वर्षों से लंबित नए भवन हेतु भूमि चिन्हित कर उसे कब्जा मुक्त कराना और दो मंजिला भवन का निर्माण कराना भी एक बड़ी उपलब्धि रही।
कांवड़ यात्रा के दौरान पुराने गंगनहर पुल पर टीन शेड लगवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना हो या सालाना उर्स मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना—हर मोर्चे पर पुलिस ने बेहतर प्रबंधन का परिचय दिया।
अपराध नियंत्रण की दिशा में भी कई बड़ी कामयाबियां हासिल हुईं। मई माह में गौकशी के मामले में मुठभेड़ के दौरान आरोपी की गिरफ्तारी कर सख्त संदेश दिया गया।
हद्दीपुर गैंगरेप कांड में रातोंरात सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। उर्स मेले के दौरान अपहरण, फिरौती और हत्या जैसे ब्लाइंड केस को 24 घंटे के भीतर सुलझाना पुलिस की तत्परता का बड़ा उदाहरण बना।
अक्टूबर में हुए लूटकांड का खुलासा मात्र 12 घंटे में कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं तीन माह के मासूम बच्चे के अपहरण के मामले को चुनौती के रूप में लेते हुए 72 घंटे के भीतर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया, जिसमें चार महिलाओं समेत आधा दर्जन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
इसी क्रम में एक 9 वर्षीय बच्चे को, जो चार माह से लापता था, मुंबई से सकुशल बरामद कर परिजनों से मिलाना पुलिस की संवेदनशीलता और निरंतर प्रयासों का परिणाम रहा। इमलीखेड़ा में अवैध पटाखों के गोदाम का भंडाफोड़ कर विस्फोटक सामग्री जब्त करना भी बड़ी कार्रवाई में शामिल रहा।
ऑपरेशन कालनेमि के तहत 322 ढोंगी बाबाओं की गिरफ्तारी कर पुलिस ने समाज में व्याप्त अंधविश्वास और अपराध के गठजोड़ पर कड़ा प्रहार किया। इसी अभियान के दौरान 20 वर्षों से लापता एक व्यक्ति को उसके परिजनों से मिलवाना मानवीय पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बना।
एक वर्ष के इस कार्यकाल में रविन्द्र कुमार ने न सिर्फ अपराधियों में खौफ पैदा किया, बल्कि आमजन के बीच पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत किया। अब उन्हें थाना पथरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि रविन्द्र कुमार का कार्यकाल क्षेत्र में “कानून के राज” के रूप में याद किया जाएगा और उनसे यही उम्मीद जताई जा रही है कि वे अपनी नई तैनाती पर भी इसी तरह की प्रभावी पुलिसिंग का परिचय देंगे।



