उत्तराखंड

“उत्तराखंड में गणतंत्र दिवस की परेड बनी मजाक, गलती आईपीएस की, पेशकार पर गिरी गाज..

गढ़वाल के दो बड़े जिलों में दो आईपीएस अधिकारियों के दो कारनामों की हर तरफ हो रही चर्चाएं, आखिर क्यों नापी गई कमजोर की गर्दन..

खबर को सुनें

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: उत्तराखंड पुलिस यूं तो आए दिन किसी न किसी प्रकरण को लेकर चर्चाओं में रहती है, लेकिन इस बार तो हद ही हो गई। गढ़वाल के दो बड़े जिलों में गणतंत्र दिवस की परेड को ही मजाक बनाकर रख दिया गया। एक आईपीएस अधिकारी तो परेड से गैर हाजिर ही हो गया। जबकि दूसरा आईपीएस बिना निर्धारित वर्दी के ही परेड में जा पहुंचा। भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों ने यह गलतियां जानबूझकर की या फिर जानकारी के अभाव में हुई, यह अलग बात है। लेकिन दूसरे आईपीएस ने तो दो कदम आगे बढ़कर अपनी गलती का ठीकरा पेशकार के सिर पर फोड़ डाला। इतना ही नहीं, बड़े साहब के कान भरकर उसे लाइन हाजिर ही करा दिया। छोटे साहब का कहना था कि पेशकार को उन्हें निर्धारित वर्दी की जानकारी देनी थी। अब इनसे कोई पूछे कि आईपीएस की परीक्षा पास करने आप गए थे या फिर आपका पेशकार। दूसरा सवाल कार्रवाई को लेकर भी सुलग रहा है। यदि गलती करने वाले की गर्दन मोटी हो तो क्या पतली गर्दन वाले के गले में फंदा पहना देना चाहिए..?? कम से कम हमारे देश का कानून तो ये इजाजत नहीं देता है। इन दोनों मामलों को लेकर डीजीपी शायद अनजान रहे होंगे। लेकिन परेड से गैर हाजिर रहने वाले आईपीएस अधिकारी पहले भी अधीनस्थ की पिटाई करने जैसे कारनामों को अंजाम देकर कम समय में ज्यादा पहचान बना चुके हैं। कुल मिलाकर नए नवेले आईपीएस अधिकारियों के कारनामे उत्तराखंड पुलिस की साख पर बट्टा लगा रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!