हरिद्वार

“गलत खानपान, तनाव से युवाओं में हार्टअटैक का खतरा, ग्रामीण क्षेत्र के ह्रदय रोगियों में युवा ज्यादा..

रोजाना व्यायाम, खाने में शामिल करें फल व सब्जियां, सुप्रसिद्ध काॅर्डियोलॉजिस्ट डा. अनुराग रावत की सलाह..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: एक जमाना था जब ह्रदय रोग सिर्फ शुगर, ब्लड प्रेशर के मरीज और 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के व्यक्तियों में ही देखने को मिलता था। असयंमित जीवन शैली, गलत खान-पान और शारीरिक श्रम कम होने के कारण अब 20 से 40 साल के युवाओं में भी ह्रदय रोग का खतरा बढ़ रहा है। हरिद्वार जिले में ग्रामीण बेल्ट के युवाओं में हार्टअटैक व कार्डियक अरेस्ट का सबसे बड़ा कारण तंबाकू व धुम्रपान है। सुप्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डा. अनुराग रावत मानते हैं कि थोड़ी सी जागरुकता और सावधानी बरती जाए तो ह्रदय रोग का खतरा कम किया जा सकता है।“पंच👊नामा.. से विशेष बातचीत में डा. अनुराग रावत ने बताया कि समय बदलने के साथ 20 से 40 वर्ष के व्यक्तियों में ह्रदय रोग तेजी से बढ़ रहा है। युवाओं में इसका कारण तंबाकू का सेवन है। कनखल में निर्मल संतपुरा गुरुद्वारा के सामने वी केयर डाइग्नोस्टिक मल्टी स्पेशियलिटी क्लीनिक में पंचनामा से विशेष बातचीत में डा. अनुराग रावत ने कहा कि खानपान की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। युवाओं ने फास्ट फूड को अपना पसंदीदा भोजन मान लिया है। इसके अलावा तनाव के कारण भी जवान उम्र के ह्रदय रोगियों में इजाफा हो रहा है। हर इंसान तनाव से ग्रस्त है। पहले लोग शारीरिक श्रम ज्यादा करते थे। अब लंबे समय तक बैठे रहते हैं। घंटों तक बैठकर टीवी देखते हैं। युवा मेहनत के बजाय आराम को प्राथमिकता दे रहे हैं। जिससे युवाओं में कॉलेस्ट्रॉल की समस्या भी पेश आ रही है। खेलने, व्यायाम करने के दौरान युवाओं की अचानक मौत से जुड़े सवाल पर डा. अनुराग रावत का कहना था कि चिकित्सकीय भाषा में इसे सडन कार्डियक डेथ यानि अचानक ह्रदय की धड़कन बंद होने से मौत कहते हैं। ऐसे मामलों में ह्रदय के भीतर पहले से समस्या रहती है। लेकिन उन्होंने कभी टेस्ट नहीं कराया होता। अंदरूनी तौर पर वॉल्व, मांसपेशियों में खराबी आ जाती है। फिर किसी दिन अचानक कार्डियक अरेस्ट आ जाता है। पिछले कुछ समय से शहर के विभिन्न अस्पतालाें में सेवाएं दे रहे डा. अनुराग रावत ने बताया कि हरिद्वार में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले ह्रदय रोगियों में युवाओं की संख्या ज्यादा है। हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से बचने के उपाय के रूप में डा. अनुराग रावत कहते हैं कि हमें कम से कम 20 से 45 मिनट तक चलना चाहिए। खाने में फल और सब्जियों की मात्रा बढ़ानी चाहिए। ह्रदय की नियमित जांच कराएं। खान पान में ऐसे चीजों से परहेज करें, जिनसे शुगर लेवल बढ़ता है। जैसे चीनी, चावल, चिकनाई से दूरी बनाएं। नॉनवेज खाते हैं तो मटन कम से कम लें।

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