“साबिर पाक का सालाना उर्स 24 अगस्त से, परचम कुशाई और मेंहदी डोरी की रस्म के साथ होगा आगाज़..
सज्जादा परिवार ने एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल से की मुलाकात, दावतनामा देकर उर्स में किया आमंत्रित, इंतज़ामात और रसुमात की जानकारी दी..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: विश्व विख्यात दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक का सालाना उर्स/मेला नजदीक आते ही तैयारियां तेज हो गई हैं। 24 अगस्त की शाम परचम कुशाई और मेंहदी डोरी की रस्म के साथ इस बार के उर्स-ए-साबिर पाक का विधिवत आगाज होगा।उर्स की व्यवस्थाओं और रसूमात को लेकर सज्जादा परिवार के सदस्यों ने हरिद्वार एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल से मुलाकात की और विभिन्न इंतजामों पर चर्चा की। इस मौके पर सज्जादानशीन के छोटे भाई शाह यावर मियां ने जानकारी दी कि बरेली शरीफ से साबरी झंडा लेकर रवाना हुआ अकीदतमंदों का जत्था 23 अगस्त को रहमतपुर स्थित दरगाह नौ गजा पीर पर पहुंचेगा।
वहीं 24 अगस्त की दोपहर यह जत्था पिरान कलियर पहुंचेगा और दरगाह के मुख्य द्वार पर झंडा लगाया जाएगा, जिसे परचम कुशाई की रस्म कहा जाता है। इसी शाम चांद दिखाई देने पर मेंहदी डोरी की रस्म अदा की जाएगी और इसके साथ ही उर्स का शुभारंभ हो जाएगा।
इसी क्रम में उर्स के दौरान होने वाली अन्य रसूमात, जियारत और भीड़ प्रबंधन जैसे अहम मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। शाह यावर मियां ने प्रशासन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि उर्स में लाखों अकीदतमंद पहुंचते हैं, लिहाजा शांति व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
इस मौके पर एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने कहा कि “साबिर पाक का उर्स न सिर्फ पिरान कलियर, बल्कि पूरे उत्तराखंड और देश-विदेश से आने वाले जायरीनों की आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की पूरी जिम्मेदारी है कि यह मेला सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो।
उर्स के दौरान यातायात, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। स्थानीय जिम्मेदार लोगों और सज्जादा परिवार के सहयोग से सुनिश्चित किया जाएगा कि जायरीनों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और पूरा मेला सुरक्षित माहौल में संपन्न हो।
”साहिबजादा शाह यावर मियां ने इस दौरान एसएसपी को उर्स-ए-साबिर पाक का दावतनामा भी भेंट कर उन्हें आमंत्रित किया। मुलाकात के दौरान असद मियां और खादिम मुनव्वर अली साबरी, पार्षद अरशद ख्वाजा, शाह यासिर मौजूद रहे।