
पंच👊नामा
रुड़की: नारसन में शराब तस्करों के दिन लदते नजर आ रहे हैं। चौकी प्रभारी हेमदत्त भारद्वाज की कानूनी चालाकी और मजबूत पैरवी ने इस बार शराब तस्कर के बच निकलने के सारे रास्ते बंद कर दिए। थाने से जमानत की उम्मीद लगाए बैठा आरोपी सीधा न्यायालय के आदेश पर जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया, जिससे इलाके के अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया।दरअसल ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत नारसन चौकी क्षेत्र में पुलिस ने 48 पैकेट टेट्रा कम्पनी की देशी शराब के साथ एक शराब तस्कर को दबोच लिया। खास बात यह है कि अमूमन ऐसे मामलों में आरोपी को मौके पर ही जमानत मिल जाती है, लेकिन चौकी इंचार्ज हेमदत्त भारद्वाज की सख़्त पैरवी के चलते इस बार तस्कर को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया।
पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोबाल के निर्देश पर जिलेभर में नशे के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। मंगलौर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शांति कुमार के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गई है, जो क्षेत्र में अवैध शराब व नशे के कारोबारियों के खिलाफ अभियान में जुटी है।
शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर नारसन चौकी प्रभारी और उनकी टीम ने ग्राम नारसन निवासी शशिपाल पुत्र मुख्तारा को 48 पैकेट टेट्रा कम्पनी की अवैध देशी शराब (उत्तर प्रदेश ब्रांड) के साथ गिरफ्तार किया।
आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज, कांस्टेबल पंकज कुमार और होमगार्ड अमित कुमार शामिल रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की इस सख़्ती से अब इलाके में शराब तस्करों के हौसले पस्त होंगे और नशा मुक्ति अभियान को और गति मिलेगी।