पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: प्रेमनगर क्षेत्र में मिले अज्ञात महिला के शव की गुत्थी को दून पुलिस ने आखिरकार सुलझा लिया। कई दिनों तक पहचान से दूर रही इस मर्डर मिस्ट्री ने उस वक्त चौंकाने वाला मोड़ लिया, जब जांच की परतें खुलीं और सामने आया कि महिला का कातिल कोई और नहीं बल्कि उसका अपना पहला पति ही था। पुलिस की सूझबूझ और लगातार प्रयासों से इस ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश हो गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा करते हुए बताया कि 11 मार्च 2026 को मॉडूवाला रोड स्थित बालासुंदरी मंदिर परिसर के पास एक अज्ञात महिला का शव सफेद प्लास्टिक के कट्टे में बरामद हुआ था। शव कई दिन पुराना होने के कारण उसकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और 8 टीमों का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के जंगलों में कॉम्बिंग की, करीब 2500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। इसके बाद पुलिस ने महिला के पहनावे के आधार पर झुग्गी-बस्तियों में सत्यापन अभियान चलाया। 30 से अधिक बस्तियों में करीब 5000 लोगों का भौतिक सत्यापन किया गया और पंपलेट व सोशल मीडिया के जरिए भी पहचान की कोशिश की गई।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को कॉसवाली कोठरी क्षेत्र में एक संदिग्ध मजदूर के बारे में जानकारी मिली, जिसकी पत्नी अचानक गायब थी। पुलिस ने ठेकेदार से पूछताछ कर रंजीत शर्मा तक पहुंच बनाई। भाटोवाला में दबिश देकर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी रंजीत शर्मा ने बताया कि उसने अपनी पहली पत्नी रूपा की गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को कट्टे में डालकर चार दिन तक कमरे में छिपाकर रखा और फिर मोटरसाइकिल से ले जाकर शीतला माता मंदिर के पास जंगल में फेंक दिया। जांच में सामने आया कि रूपा चार साल पहले किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई थी, जबकि आरोपी ने भी दूसरी शादी कर ली थी।
करीब एक साल पहले रूपा दोबारा उसके संपर्क में आई और फरवरी 2026 में अपनी 11 माह की बच्ची के साथ देहरादून आकर उसके साथ रहने लगी। इस दौरान वह आरोपी पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी, जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया और अंततः आरोपी ने हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि मृतका की पहचान न हो पाने के कारण आरोपी निश्चिंत था और फरार होने का प्रयास भी नहीं किया। हालांकि पुलिस की सघन जांच और सतर्कता ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।।मामले के सफल अनावरण पर आईजी गढ़वाल रेंज द्वारा पुलिस टीम को 5000 रुपये तथा एसएसपी देहरादून द्वारा 2500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है।
पुलिस टीम में शामिल रहे अधिकारी व कर्मचारी…..
उ0नि0 कुन्दन राम (थानाध्यक्ष प्रेमनगर), व0उ0नि0 अनित कुमार, उ0नि0 अमित शर्मा (चौकी प्रभारी झाझरा), उ0नि0 सतेन्द्र सिंह, उ0नि0 प्रधुमन सिंह नेगी, उ0नि0 प्रवीण सैनी, कां0 रोबिन सिंह, कां0 श्रीकांत मलिक, कां0 रवि शंकर, कां0 कैलाश डोभाल, कां0 बृजमोहन सिंह, कां0 जसवीर सिंह कण्डारी, कां0 वाशुदेव राणा, कां0 अमित कवि, कां0 अमरेन्द्र सिंह, हे0कां0 किरन कुमार (एसओजी), हे0कां0 दीप प्रकाश (थाना रायपुर), कां0 नरेन्द्र सिंह रावत (कोतवाली नगर), कां0 लोकेन्द्र उनियाल (कोतवाली नगर), कां0 चालक जी.एस. सैनी।



