शिक्षाहरिद्वार

“गुरु पर अटूट विश्वास और समर्पण से ही मिलती है सफलता: श्रीमहंत डॉ. रविन्द्र पुरी जी महाराज..

एस.एम.जे.एन कॉलेज के वार्षिकोत्सव ‘उड़ान-2026’ में शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा का भव्य संगम – प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा को आउटस्टैंडिंग लीडरशिप अवार्ड..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: “विद्यार्थियों को अपने गुरुओं पर अटूट विश्वास रखते हुए पूर्ण समर्पण का भाव अपनाना चाहिए, तभी जीवन में सच्ची सफलता प्राप्त होती है।” यह प्रेरणादायी संदेश श्रीमहंत डॉ. रविन्द्र पुरी जी महाराज ने एस.एम.जे.एन. महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव ‘उड़ान-2026’ में दिया। उन्होंने श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि समर्पण, विनम्रता और मार्गदर्शन ही सफलता की कुंजी हैं।कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमहंत डॉ. रविन्द्र पुरी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. प्रतिभा मेहता लूथरा उपस्थित रहीं। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। बीए की छात्रा चारू ने सरस्वती वंदना तथा प्राध्यापिका द्वारा कुलगीत प्रस्तुत किया।प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने वार्षिक आख्या प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस सत्र में परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत से अधिक रहा। उन्होंने कहा कि आईटीडीए के सहयोग से डिजिटल मार्केटिंग एवं क्लाउड कम्प्यूटिंग के निःशुल्क पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए, जिनमें 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। साथ ही महाविद्यालय के प्राध्यापकों के 20 से अधिक शोध-पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए।समारोह में शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। स्नातक स्तर पर पलक अग्रवाल, पूनम रावत, अमिक्शा शाह, अंशुमन कश्यप व ऋतिक सूडान, जबकि स्नातकोत्तर स्तर पर विधि गौतम, राशि, पूनम, जानवी चौहान, फिजा और डिंपल गोयल को सम्मान मिला। रेड क्रॉस के स्वयंसेवी दिव्यांशु गैरोला, एनएसएस की मानसी शर्मा, राज्य स्तरीय मेरिट में स्थान पाने वाली सांत्वना सिंह व खिलाड़ी नीरज कुमार को भी विशेष सम्मान दिया गया।विशेष सम्मान श्रृंखला में श्रीमहंत डॉ. रविन्द्र पुरी जी महाराज व कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए आउटस्टैंडिंग लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया। प्रो. लूथरा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने और कर्तव्यपरायणता को जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।योगी राज हर्षानंद जी महाराज ने समय के महत्व और योग के माध्यम से जीवन संतुलन का संदेश दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शान्तनु, प्रीत, चारू, सोनाली, लक्ष्मी और मोनिका के मधुर गायन ने सभी को मंत्रमुग्ध किया, जबकि श्रेया, त्रिशा, टिया, सोनाली, वैष्णवी, दिव्यांशु, लविश, अंशिका, कनिष्का, अनुष्का और तृप्ति ने नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। मानसी के योग नृत्य, गौरव बंसल की टीम के नाटक ‘वाह तोहफे’, अर्शिका और अपराजिता की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।समापन सत्र में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। वार्षिकोत्सव ‘उड़ान-2026’ ने शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा का उत्कृष्ट समागम प्रस्तुत किया।

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