“स्वामी यतीश्वरानंद के नेतृत्व में टिहरी बांध विस्थापितों की आवाज बुलंद, भूमिधरी अधिकार पर मुख्यमंत्री ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: टिहरी बांध परियोजना से विस्थापित परिवारों को 45 वर्षों से लंबित भूमिधरी अधिकार दिलाने की मांग को लेकर राज्य सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि विस्थापितों के पुनर्वास और अधिकारों से जुड़े मामलों में अब किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के नेतृत्व में टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र संघर्ष समिति, भाग–1 पथरी (हरिद्वार) तथा ग्राम पंचायत आदर्श टिहरी नगर, बहादराबाद के प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने विस्थापित परिवारों को भूमिधरी अधिकार दिए जाने और पुनर्वास से जुड़े विभिन्न मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही जिलाधिकारी हरिद्वार एवं जिलाधिकारी टिहरी से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैधानिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण कर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि विस्थापित परिवारों को जल्द राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि टिहरी बांध परियोजना से विस्थापित परिवारों का पुनर्वास और उनके अधिकारों का संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
इस दौरान विस्थापित संघर्ष समिति की ओर से शासन स्तर पर एक आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में समिति गठित करने की मांग भी रखी गई। बैठक में संघर्ष समिति के अध्यक्ष हुकम सिंह रावत, सचिव एस.एन. पाण्डेय, ब्लॉक प्रमुख आशा नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि व ग्राम प्रधान उपस्थित रहे। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री द्वारा त्वरित संज्ञान और सकारात्मक आश्वासन के लिए आभार व्यक्त किया।



