
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: पुलिस में भर्ती कराने का झांसा देकर रुड़की निवासी युवती का तीन साल तक शारीरिक शोषण, ब्लैकमेलिंग और धमकी देने वाले कांस्टेबल पर पहली बार ऐसे संगीन आरोप नहीं लगे हैं। जिले के अलग-अलग थाना-कोतवालियों में पूर्व में भी कई महिलाओं ने उसके उत्पीड़न के खिलाफ शिकायतें दीं। लेकिन कभी वह मगरमच्छ के आंसू बहा कर, पीड़िताओं के पैर पकड़कर तो कभी अपने रसूख के दम पर कार्रवाई से बचता रहा। जिससे उसके हौसले बुलंद होते गए और वह एक के बाद एक महिलाओं को अपना शिकार बनाता गया। ताजा मामला सुर्खियों में आने के बाद कई पुलिस अधिकारियों को उसके पुराने कारनामे याद आ गए।
ऐसा भी बताया गया है कि कांस्टेबल के उत्पीड़न का शिकार हुई कई महिलाएं तो कार्रवाई की हिम्मत भी नहीं जुटा पाई। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न होना भी इसकी एक बड़ी वजह है।
देखने वाली बात यह है कि इस बार आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई होती है या फिर उसे किसी और महिला का शिकार करने के लिए खुला छोड़ दिया जाता है।
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बड़े भाई को हर कांड की जानकारी…..आरोपी का बड़ा भाई हरिद्वार जिले में ही एक पुलिस चौकी का प्रभारी है। यह भी बताया गया है कि आरोपी के लगभग हर कांड की जानकारी उसके बड़े भाई को है। किसी महिला को बहला फुसलाकर या फिर झांसा देकर अपनी हवस का शिकार बनाना कितना बड़ा अपराध है, इसकी भली-भांति जानकारी होने के बावजूद बड़ा भाई भी उसकी हरकतों में सुधार नहीं ला पाया।
कई पीड़िताओं को उसने अपने बड़े भाई की चौकी इंचार्ज होने का डर भी दिखाया। ताजा मामले में भी पीड़िता ने आरोपी से अपनी जान माल का खतरा जताया है यह भी संभव है कि मामला उजागर होने के बाद आरोपी उसे डरा धमका कर दबाव बनाने का प्रयास करे।