“थाना प्रभारी दिलबर सिंह नेगी की पहल बनी मिशन: “साइबर जागरूकता गांव चलो अभियान” से 74 ग्राम सभाओं में घर-घर पहुंचेगा सुरक्षा का संदेश..

पंच👊नामा-ब्यूरो
टिहरी गढ़वाल: बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए टिहरी पुलिस ने एक अनोखी पहल करते हुए “साइबर जागरूकता गांव चलो अभियान” का आगाज कर दिया है।
पुलिस कप्तान आयुष अग्रवाल के निर्देशन में शुरू हुए इस अभियान का मकसद हर गांव और हर घर तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाना है, ताकि लोग ठगी के नए-नए तरीकों से सतर्क रह सकें।
थाना छाम क्षेत्र से इसकी शुरुआत की गई है, जहां थाना प्रभारी दिलबर सिंह नेगी की पहल पर गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया गया।
इस अभियान के तहत आगामी एक माह में थाना क्षेत्र की 74 ग्राम सभाओं में पहुंचकर ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचने के तरीके सिखाए जाएंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह भंडारी ने हरी झंडी दिखाकर किया। इसके बाद थाना छाम से धरवाल गांव तक एक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें स्थानीय नागरिकों और स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को मोबाइल फोन के सुरक्षित उपयोग, सोशल मीडिया पर बरती जाने वाली सावधानियां, और ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन के दौरान सतर्क रहने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए।
साथ ही यह भी बताया गया कि किसी भी साइबर घटना के घटित होने पर तुरंत क्या कार्रवाई करनी चाहिए और कहां संपर्क करना है।
इस दौरान धरवाल, सुनार और संयासु गांवों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों को विस्तार से जानकारी देने के साथ-साथ 15 प्रश्नों के माध्यम से साइबर ज्ञान का टेस्ट भी लिया गया।
प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को सम्मानित किया गया। अभियान की खास बात यह है कि प्रत्येक ग्राम सभा से एक-एक साइबर वॉलंटियर चुना जाएगा,
जिन्हें अभियान के अंतिम दिन पुरस्कृत किया जाएगा, ताकि गांव स्तर पर स्थायी रूप से साइबर जागरूकता को मजबूत किया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस मौके पर थाना छाम की पूरी टीम, ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह भंडारी, ग्राम प्रधान सुमेरी देवी, शक्ति सिंह राणा, रीना देवी, बीडीसी सदस्य नत्थी सिंह रावत तथा सामाजिक कार्यकर्ता भारत सिंह बिष्ट समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



