
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: वायरल ऑडियो-वीडियो प्रकरण को लेकर जिस आक्रामक अंदाज़ में पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने एक-दूसरे पर आरोपों की बौछार की, उसी तेजी से अब दोनों पुलिस जांच से गायब हो गए हैं। रोज़ मीडिया के सामने बयान देने वाले दोनों चेहरे अब एसआइटी के सामने आने से बचते नजर आ रहे हैं, जिससे पूरे प्रकरण की मंशा और पटकथा पर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के लिए सुरेश राठौर को तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं। दो बार पुलिस उनके घर पहुंची, लेकिन हर बार ताला लगा मिला। इसके बाद नोटिस चस्पा किया गया। शनिवार को उनकी पत्नी रविंद्र कौर बहादराबाद थाने पहुंचीं और एक सप्ताह की मोहलत मांगी। हालांकि, पुलिस सूत्र बताते हैं कि सुरेश राठौर की लोकेशन को लेकर अभी भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
उधर, अभिनेत्री उर्मिला सनावर भी पुलिस की पकड़ से बाहर बनी हुई हैं। एसआइटी की टीम लगातार उनकी तलाश में जुटी रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार पुलिस को सहारनपुर पहुंचकर उनके घर पर नोटिस चस्पा करना पड़ा। दो नोटिस के बावजूद विवेचना में सहयोग न करना पुलिस के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है।
जांच एजेंसियों के सामने अब बड़ा सवाल यह है कि उर्मिला सनावर अचानक इतने बड़े और संवेदनशील आरोप लगाने के लिए किसके इशारे पर आगे आईं। आरोपों का क्रम, भाषा और समय-चयन इस आशंका को बल दे रहा है कि उर्मिला केवल चेहरा हो सकती हैं और पर्दे के पीछे कोई और रणनीति चला रहा है। पुलिस इसी एंगल से उर्मिला के संपर्कों और कनेक्शनों की गहन पड़ताल कर रही है।
सुरेश राठौर पहले ही यह कह चुके हैं कि वायरल ऑडियो एआई जनित है। यदि ऐसा है, तो तकनीकी साक्ष्य के साथ पुलिस के सामने पेश होकर बयान दर्ज कराना स्वाभाविक माना जा रहा है। लेकिन जांच से दूरी बनाए रखना इस दावे को भी कठघरे में खड़ा कर रहा है।
सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में अब यह सवाल खुलकर उठने लगे हैं कि जब दोनों पक्ष खुद को सही साबित करने में इतने मुखर थे, तो अब पुलिस जांच के सामने आने से हिचक क्यों। अचानक भूमिगत होना केवल संयोग है या किसी बड़े खेल की तैयारी, इसकी परतें एसआइटी जांच में खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
फिलहाल, पुलिस का कहना है कि दोनों की तलाश तेज कर दी गई है और आने वाले दिनों में इस मामले में शिकंजा और कसा जाएगा। ऑडियो-वीडियो कांड अब व्यक्तिगत आरोपों से निकलकर उस बिंदु पर पहुंच चुका है, जहां यह तय होना बाकी है कि सच क्या है और इस पूरे घटनाक्रम की डोर आखिर किसके हाथ में है।



