“ऋषिकेश में वन सर्वे के विरोध में सड़क और रेलवे ट्रैक पर उतरे लोग, रोकनी पड़ी दो ट्रेन, पथराव से अफरा-तफरी..
जीआरपी-आरपीएफ से लेकर आसपास से बुलानी पड़ी पुलिस, हाइवे पर लगा करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम..

पंच👊नामा-ब्यूरो
देहरादून: ऋषिकेश में वन सर्वे के विरोध में लोग रविवार को सड़कों के साथ-साथ रेलवे ट्रैक पर भी उतर आए। मंशा देवी रेलवे फाटक, बापूग्राम और राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए उग्र प्रदर्शन ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी।
हालात ऐसे बने कि ऋषिकेश से आईडीपीएल गेट नंबर दो तक करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जबकि रेलवे ट्रैक पर कब्जे के चलते ट्रेन संचालन पूरी तरह बाधित हो गया।
वन सर्वे के तीसरे दिन विरोध और तेज हो गया। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न इलाकों में विभागीय टीमों को प्रवेश नहीं करने दिया। नंदू फार्म, बापूग्राम और हरिद्वार मार्ग पर वाहन आगे नहीं बढ़ पाए। ऋषिकेश-श्यामपुर और बाईपास मार्ग पर भीषण जाम से लोग घंटों फंसे रहे।
रेलवे ट्रैक बना आंदोलन का केंद्र…..
मंशा देवी रेलवे फाटक पर सड़क जाम के बाद प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। उग्र प्रदर्शन के चलते दो ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकना पड़ा। ऋषिकेश से 12:40 बजे रवाना हुई गंगानगर एक्सप्रेस को मंशा देवी फाटक से पहले रोक दिया गया।
वहीं, योगनगरी ऋषिकेश की ओर जा रही कोच्चिवाली एक्सप्रेस को वीरभद्र स्टेशन पर रोकना पड़ा। अन्य ट्रेनों को भी रायवाला या वीरभद्र स्टेशन पर रोके जाने की तैयारी करनी पड़ी।
पथराव से बिगड़े हालात…..
शाम होते-होते हालात और तनावपूर्ण हो गए। रेलवे ट्रैक पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उग्र होकर पथराव शुरू कर दिया, जिससे रेलवे संपत्तियों को नुकसान पहुंचा।
सूचना पर पहुंची रेलवे पुलिस फोर्स ने ट्रैक खाली कराने की कोशिश की तो गुस्साए लोगों ने आरपीएफ पर भी पथराव किया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई, हालांकि अतिरिक्त बल की तैनाती के बाद स्थिति को काबू में लिया गया।
आम जनजीवन अस्त-व्यस्त….
सड़क और रेल दोनों मार्गों के ठप होने से आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्री, कर्मचारी और मरीज घंटों जाम में फंसे रहे। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।



