अपराधहरिद्वार

“टीटी हमारे मामा हैं…” रेल यात्रियों को टिकट दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले शातिर गिरफ्तार..

जीआरपी हरिद्वार टीम को मिली बड़ी सफलता, खास तौर पर बिहार-झारखंड के भोले-भाले मजदूरों को बनाते थे शिकार..

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पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: रेलवे स्टेशन हरिद्वार पर भोले-भाले यात्रियों को टिकट कंफर्म कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए जीआरपी हरिद्वार ने दो शातिरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी खासतौर पर बिहार, झारखंड और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले मजदूर वर्ग के लोगों को निशाना बनाते थे। एसपी जीआरपी अरुणा भारती ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है।क्या था पूरा मामला…...
रेलवे स्टेशन हरिद्वार पर कुछ शातिर ठग बिहार की बोली में बातचीत कर यात्रियों से दोस्ताना संबंध बनाते थे। इसके बाद वे कहते थे कि “मेरे मामा यहां टीटी हैं, आपका टिकट कंफर्म करा देंगे।” भरोसा दिलाने के लिए वे पीड़ितों को स्टेशन मास्टर कार्यालय या रेलवे अधिकारी विश्रामगृह के आसपास ले जाते थे, ताकि उन्हें लगे कि बात सही है।इसके बाद वे मोबाइल फोन, आधार कार्ड, एटीएम पिन, यूपीआई पिन और नकद राशि लेकर यह कहकर चले जाते थे कि “एक-दो घंटे में टिकट कंफर्म कराकर आते हैं।” बाहर जाकर आरोपी एटीएम या यूपीआई के माध्यम से खाते से रकम निकाल लेते थे और फरार हो जाते थे।22 फरवरी को बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले मनीष और उनके साथी अनिल शाह हरिद्वार स्टेशन पहुंचे थे। टिकट कंफर्म कराने के नाम पर आरोपियों ने प्लेटफॉर्म नंबर एक के पास उनसे मोबाइल, आधार कार्ड और नकदी ठग ली। साथ ही पिन कोड के जरिए बैंक खाते से भी रकम निकाल ली।इस मामले में जीआरपी हरिद्वार थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। इंस्पेक्टर बिपिन चंद्र पाठक के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने आरोपितों की तलाश शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों रामकिशोर यादव निवासी सीतामढ़ी (बिहार) और हंसलाल महतो निवासी सीतामढ़ी (बिहार) को रेलवे स्टेशन हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। तीसरे फरार साथी की तलाश जारी है। बाद में मामले में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी भी की गई।माननीय न्यायालय के आदेश पर दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।बेहद शातिर तरीके से करते थे ठगी…..
पुलिस के अनुसार, गिरोह का एक सदस्य यात्रियों को तलाशता था, जबकि दूसरा खुद को “टीटी का रिश्तेदार” बताकर सामने आता था। भरोसा मजबूत करने के लिए उन्हें रेलवे कार्यालयों के आसपास ले जाया जाता था। इसी दौरान नकदी और मोबाइल फोन लेकर खाते से रकम साफ कर दी जाती थी।बरामदगी…..
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो सैमसंग मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड (मनीष शाह और अनिल शाह के) और 5200 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस टीम को मिली सराहना…..
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार, उपनिरीक्षक प्रीति कर्णवाल, एएसआई श्याम दास, हेड कांस्टेबल पृथ्वी नेगी, हेड कांस्टेबल रविंद्र गिरी, कांस्टेबल प्रदीप कुमार, शमशेर अली, खलील, जाहुल हसन, संदीप राणा और मुकेश कुमार शामिल रहे।एसपी जीआरपी अरुणा भारती ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि स्टेशन परिसर में ठगी करने वाले अन्य संदिग्धों को भी चिन्हित किया जा रहा है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। स्थानीय यात्रियों ने भी जीआरपी की तत्परता की सराहना की है।जीआरपी की अपील….
जीआरपी हरिद्वार ने यात्रियों से अपील की है कि टिकट केवल अधिकृत काउंटर या आधिकारिक माध्यम से ही कराएं। किसी अनजान व्यक्ति को मोबाइल, आधार कार्ड या पिन कोड न दें। स्टेशन परिसर में किसी का दिया सामान न खाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत जीआरपी को दें।

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