“कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न कानून पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार के सभागार में गुरुवार को कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 (POSH Act) पर विधिक जागरूकता कार्यशाला आयोजित हुई।
कार्यक्रम उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला जज व प्राधिकरण अध्यक्ष नरेन्द्र दत्त के निर्देश पर संपन्न हुआ।
मुख्य अतिथि प्रथम अपर जिला जज हरिद्वार व आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की अध्यक्ष नीलम रात्रा रहीं। मुख्य वक्ता सिविल जज (सीडी) व प्राधिकरण सचिव सिमरनजीत कौर ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से कानून की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कानून का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देना और समानता, गरिमा व रोजगार की स्वतंत्रता की रक्षा करना है। ऐतिहासिक विशाखा बनाम राजस्थान राज्य मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी निर्णय के बाद यह कानून अस्तित्व में आया।
सिमरनजीत कौर ने स्पष्ट किया कि 10 से अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। पीड़िता तीन माह के भीतर लिखित शिकायत दर्ज करा सकती है और समिति को 90 दिन में जांच पूरी करनी होती है।
नियमों के उल्लंघन पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण का प्रावधान है। कार्यक्रम के अंत में नीलम रात्रा ने विभिन्न विभागों और एनजीओ से आई करीब 45 महिलाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।



