
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: लक्सर रेलवे स्टेशन पर विस्फोटक सामग्री रखे होने की सूचना से बुधवार को हड़कंप मच गया। पुलिस कंट्रोल रूम पर आई एक कॉल ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड में ला दिया। आनन-फानन में जीआरपी और बम निरोधक दस्ते ने स्टेशन परिसर को घेरते हुए सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि घंटों की जांच-पड़ताल के बाद सूचना पूरी तरह झूठी निकली। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर झूठी सूचना देने वाले आरोपित को स्टेशन परिसर से ही दबोच लिया।
जानकारी के अनुसार कंट्रोल रूम पर कॉल कर बताया गया कि लक्सर रेलवे स्टेशन परिसर में विस्फोटक सामग्री रखी गई है। सूचना मिलते ही Government Railway Police (जीआरपी) हरकत में आ गई। पुलिस अधीक्षक अरुणा भारती के निर्देश पर जीआरपी और बम निरोधक दस्ते की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
टीम ने प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, पार्सल गृह, पार्किंग स्थल और आसपास के सार्वजनिक स्थानों की बारीकी से जांच की। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ देर के लिए आवाजाही पर भी नजर रखी गई। तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस और यात्रियों ने राहत की सांस ली।
इधर, सर्विलांस सेल की मदद से कंट्रोल रूम में आई कॉल के मोबाइल नंबर की पड़ताल शुरू की गई। तकनीकी जांच में कॉल करने वाले की पहचान कुलबीर निवासी गांव खानपुर, थाना खानपुर (हरिद्वार) के रूप में हुई। एक टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि उसने भ्रम और अफरातफरी फैलाने के उद्देश्य से झूठी सूचना दी थी।
आरोपित को पकड़ने वाली टीम में जीआरपी थानाध्यक्ष रचना देवरानी, उप निरीक्षक अतुल चौहान, कांस्टेबल सोनू कुमार, कांस्टेबल संदीप कुमार, कांस्टेबल विनोद कुमार और एसओजी कांस्टेबल मनोज कुमार शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की झूठी सूचनाएं न केवल दहशत फैलाती हैं बल्कि सुरक्षा तंत्र और संसाधनों पर अनावश्यक दबाव भी डालती हैं। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



