रात में भी टोल प्लाजा पर डटे किसान, बवाल में महिला कांस्टेबल सहित आठ पुलिसकर्मी भी चोटिल, मुकदमा दर्ज करने की तैयारी..
देहरादून कूच के दौरान टोल प्लाजा पर रोकने पर हुआ था विवाद, दो किसानों के ट्रैक्टर दौड़ाने पर बिगड़े हालात, बाल-बाल बची कई जान..

पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: स्मार्ट मीटर के विरोध में देहरादून कूच करने के दौरान बहादराबाद में टोल प्लाजा पर रोके गए किसान देर रात तक धरने पर डटे हुए हैं। वही इस बवाल में महिला कांस्टेबल समेत 8 पुलिसकर्मी भी चोटिल बताए जा रहे हैं। किसानों के साथ ही घायल पुलिसकर्मियों का मेडिकल भी कराया गया है। देर रात तक हाईवे पर मार्ग अवरुद्ध करने और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता कर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी चल रही थी। इस मामले में शुक्रवार की सुबह कई अन्य किसान नेताओं के टोल प्लाजा पहुंचने की खबर है। यह भी बताया जा रहा है कि एक प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने देहरादून भेजा जा सकता है।
दो ट्रैक्टर दौड़ाने पर हुआ बवाल……
भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ने स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर पहले से ही देहरादून जाकर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया हुआ था। देहरादून जाकर चक्का जाम करने के इरादे से बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियों में किसान रुड़की से संगठन के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी और जिलाध्यक्ष रवि शास्त्री के नेतृत्व में रवाना भी हुए। लेकिन पुलिस ने बहादराबाद में बेरिगेटिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। एसपी देहात शेखर सुयाल, एएसपी जितेंद्र चौधरी और इंस्पेक्टर बहादराबाद नरेश राठौड़ ने किसान नेताओं से वार्ता करते हुए उन्हें देहरादून जाने का कार्यक्रम स्थगित करने की अपील की। कई किसान नेता इस पर लगभग सहमत भी हो गए।
इसी बीच बैरिकेडिंग के बीच से थोड़ा सा रास्ता मिलने और टोल का बेरियर खुलने पर दो युवा किसान नेताओं ने अपने ट्रैक्टर दौड़ा दिए। जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई और कई लोग ट्रैक्टर की चपेट में आने से बाल बाल बच गये।
—————————————इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए किसानों को खदेड़ने का प्रयास किया। इस अफरा तफरी में कई किसान घायल हो गए। जबकि कुछ महिला कांस्टेबल समेत कई पुलिसकर्मी भी घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से किसान नेताओं ने टोल प्लाजा पर ही डेरा डाल लिया और रात में भी डटे हुए हैं।
घायल किसानों ने जिला अस्पताल पहुंचकर अपने मेडिकल कराए हैं। जबकि घायल पुलिसकर्मियों का मेडिकल भी कराया गया है। देर रात तक किसान नेताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी चल रही थी और टोल प्लाजा पर बहादराबाद समेत आसपास के थानों की पुलिस शांति व्यवस्था को लेकर मुस्तैद थी।