“एसएमजेएन महाविद्यालय में ज्ञान का दीक्षारंभ, युवा पहचानें अपना लक्ष्य..
“युवा जानें—कौन हूं मैं? तभी तय होगी सही जीवन-दिशा” : स्वामी प्रताप पुरी जी महाराज..
पंच👊नामा-ब्यूरो
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार के एसएमजेएन महाविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित दीक्षारंभ समारोह केवल औपचारिक कार्यक्रम न रहकर, जीवन की दिशा देने वाला आयोजन बन गया। कला और विज्ञान वर्ग के नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए हुए इस कार्यक्रम में ज्ञान, कर्तव्य और राष्ट्रनिर्माण का संदेश गूंजा।कार्यक्रम का शुभारंभ अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज की अध्यक्षता में हुआ, जबकि राजस्थान विधानसभा सदस्य व संत समाज की अग्रणी विभूति स्वामी प्रताप पुरी जी महाराज मुख्य अतिथि रहे।
स्वामी प्रताप पुरी जी ने युवाओं को जगाया आत्मबोध……
मुख्य वक्ता स्वामी प्रताप पुरी जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हर युवा को सबसे पहले यह प्रश्न खुद से करना चाहिए— “मैं कौन हूं?” जब इस प्रश्न का उत्तर भीतर से मिल जाएगा, तब कर्तव्य और धर्म का मार्ग स्वतः स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है तो युवाओं को अपनी पहचान तय कर जीवन की सही दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा—“कर्तव्य ही धर्म है।”
श्रीमहंत रविंद्र पुरी जी : एसएमजेएन शिक्षा का सशक्त केंद्र…..
महंत रविंद्र पुरी जी महाराज ने कहा कि एसएमजेएन महाविद्यालय लंबे समय से शिक्षा की धुरी रहा है। इसका श्रेय यहां के विद्वान प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा और शिक्षकों को जाता है। उन्होंने छात्रों से हिंदी और अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं में दक्षता हासिल करने का आह्वान किया।प्राचार्य बोले—उद्बोधन ने दिलाई विवेकानंद की याद….
प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि स्वामी प्रताप पुरी जी का प्रेरक संबोधन हमें स्वामी विवेकानंद के ओज की याद दिलाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि महाविद्यालय से शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राएं भविष्य में देश और समाज का नाम रोशन करेंगे।श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज बोले…..
“युवा केवल नेता बनने का ही लक्ष्य न रखें, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, साइंटिस्ट और आईपीएस बनकर देश सेवा करें।
एसएमजेएन महाविद्यालय से निकलने वाले छात्र-छात्राएं परिवार, समाज और शहर का नाम रोशन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ लोग इसे एसएमजैन पीजी कॉलेज लिखते हैं, जबकि इसका पूरा नाम श्रवण नाथ मठ जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज है।छात्रों में उत्साह, सरस गायन ने बांधा समां…..
कार्यक्रम का संचालन अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी ने किया। उन्होंने कहा कि बीए प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए यह सौभाग्य का अवसर है कि वे इतना ओजस्वी और ज्ञानवर्धक उद्बोधन सुन सके।राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष विनय थपलियाल ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु निरंजनी 33 योजना का उल्लेख किया। समापन पर वरिष्ठ पत्रकार मेहताब आलम ने सरस गायन प्रस्तुत किया, जिस पर पूरा सभागार मंत्रमुग्ध हो गया। छात्रा चारु ने भी गीत प्रस्तुत कर माहौल को और उत्साहित किया।
पूरे महाविद्यालय में उत्साह का माहौल…..
कार्यक्रम संयोजिका डॉ. सुषमा नयाल सहित डॉ. शिवकुमार चौहान, डॉ. पूर्णिमा सुंदरियाल, डॉ. पल्लवी, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. लता शर्मा, डॉ. मोना शर्मा और डॉ. आशा शर्मा समेत सभी प्राध्यापक गण उपस्थित रहे। दीक्षारंभ समारोह को लेकर छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह और ऊर्जा का संचार दिखाई दिया।